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Mathura News: बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
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मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाईपावर्ड कमेटी ने मंदिर में दर्शन के समय को बढ़ाने का फैसला लिया है। इस फैसले को कुछ भक्तों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट में चुनौती दी थी। सोमवार को हाईपावर्ड कमेटी के फैसले को निरस्त करने की अर्जी पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
मथुरा के डीग गेट निवासी दीपक शर्मा एडवोकेट, गिरधारी लाल शर्मा एडवोकेट तथा डैंपियर नगर निवासी संजय हरियाणा ने शुक्रवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, उसे मंदिर के प्रबंधन संबंधी अधिकार दिए हैं। कमेटी को मंदिर की परंपरा और सेवा पूजन में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
याचिकाकर्ता संजय हरियाणा ने बताया कि सोमवार को कोर्ट को बताया कि मंदिर संबंधी समस्त फैसले लेने का अधिकार उनके पास है। सुप्रीम कोर्ट ने जो हाईपावर्ड कमेटी बनाई है वह केवल प्रबंधन के लिए है, लेकिन कमेटी अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रही है। हाईपावर्ड कमेटी अपने निर्णय को जल्द लागू करना चाहती है। कोर्ट में करीब 45 मिनट तक सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। मंगलवार या बुधवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। इधर, हाईपावर्ड कमेटी ने गत दिवस लिए गए निर्णय को लागू करने के लिए मंदिर प्रबंधक को पत्र जारी कर दिया है।
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मथुरा के डीग गेट निवासी दीपक शर्मा एडवोकेट, गिरधारी लाल शर्मा एडवोकेट तथा डैंपियर नगर निवासी संजय हरियाणा ने शुक्रवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, उसे मंदिर के प्रबंधन संबंधी अधिकार दिए हैं। कमेटी को मंदिर की परंपरा और सेवा पूजन में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
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याचिकाकर्ता संजय हरियाणा ने बताया कि सोमवार को कोर्ट को बताया कि मंदिर संबंधी समस्त फैसले लेने का अधिकार उनके पास है। सुप्रीम कोर्ट ने जो हाईपावर्ड कमेटी बनाई है वह केवल प्रबंधन के लिए है, लेकिन कमेटी अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रही है। हाईपावर्ड कमेटी अपने निर्णय को जल्द लागू करना चाहती है। कोर्ट में करीब 45 मिनट तक सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। मंगलवार या बुधवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। इधर, हाईपावर्ड कमेटी ने गत दिवस लिए गए निर्णय को लागू करने के लिए मंदिर प्रबंधक को पत्र जारी कर दिया है।
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