{"_id":"6891034c45ca4cf02307f428","slug":"the-corridor-issue-started-after-the-accident-on-janmashtami-three-years-ago-mathura-news-c-369-1-mt11010-133786-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: तीन साल पहले जन्माष्टमी पर हुए हादसे के बाद शुरू हुआ था कॉरिडोर प्रकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: तीन साल पहले जन्माष्टमी पर हुए हादसे के बाद शुरू हुआ था कॉरिडोर प्रकरण
विज्ञापन
वृंदावन। 2022 की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वृंदावन के श्रीबांकेबिहारी मंदिर में मची भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत के बाद यूपी सरकार द्वारा सेवानिवृत्त डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में टीम गठित की और जांच के आदेश दिए। टीम ने यहां कई बिंदुओं पर जांच की और रिपोर्ट शासन को सौंपी। शासन ने तब ही कॉरिडोर बनाने की कवायद शुरू कर दी और उसके बाद गोस्वामियों ने कॉरिडोर का विरोध किया जो आज भी निरंतर जारी है।
मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था कि इसी बीच 26 मई 2025 को राज्य सरकार ने कॉरिडोर और मंदिर न्यास को लेकर अध्यादेश जारी कर दिया। उसके बाद सेवायतों ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लगातार इस बीच सुनवाई चलीं, लेकिन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जो सुनवाई हुई उससे सेवायतों को बड़ी राहत मिली है। उनके चेहरे में मुस्कान आ गई है। हालांकि वह इस मामले में अभी ज्यादा कुछ नहीं कह रहे हैं। बस कह रहे हैं कि सरकार भले ही गलत करे, लेकिन न्यायालय से बड़ा कोई नहीं है। वह किसी के साथ अन्याय नहीं होने देता। सुप्रीम कोर्ट में जजों ने कई बिंदुओं पर जो टिप्पणी की है, उससे गोस्वामी समाज खुश है।
ये बोले गोस्वामी
श्रीबांकेबिहारी के सुगम दर्शन के लिए सरकार द्वारा वृंदावन गलियारा व मंदिर न्यास बनाने के प्रकरण में चल रहे मामले में सर्वोच्च न्यायालय से सेवायत समाज को निष्पक्ष न्याय का पूरा भरोसा है। हमें आराध्य की सेवा से कोई वंचित नहीं कर सकता।
विज्ञापन
-आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी, सेवायत
अपने अधिकारों की सुरक्षा से सेवायत समाज कतई समझौता नहीं करेगा और इस बाबत समूचा समाज एकजुट है। आज उच्चतम न्यायालय में चली प्रक्रिया ने भी सेवायतों को राहत प्रदान की है।
-डॉ. मधुर बिहारी गोस्वामी सेवायत
सुप्रीम कोर्ट जो भी आदेश देगा, वह सभी को मान्य होगा। कोर्ट कभी एक पक्षीय आदेश नहीं करता। हमें सर्वोच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है। सोमवार को हुई सुनवाई से सेवायत समाज को लग रहा है कि कोर्ट ही वृंदावन की संस्कृति को बचाएगा।
- नितिन संवारिया, सेवायत
विज्ञापन
मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था कि इसी बीच 26 मई 2025 को राज्य सरकार ने कॉरिडोर और मंदिर न्यास को लेकर अध्यादेश जारी कर दिया। उसके बाद सेवायतों ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लगातार इस बीच सुनवाई चलीं, लेकिन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जो सुनवाई हुई उससे सेवायतों को बड़ी राहत मिली है। उनके चेहरे में मुस्कान आ गई है। हालांकि वह इस मामले में अभी ज्यादा कुछ नहीं कह रहे हैं। बस कह रहे हैं कि सरकार भले ही गलत करे, लेकिन न्यायालय से बड़ा कोई नहीं है। वह किसी के साथ अन्याय नहीं होने देता। सुप्रीम कोर्ट में जजों ने कई बिंदुओं पर जो टिप्पणी की है, उससे गोस्वामी समाज खुश है।
विज्ञापन
ये बोले गोस्वामी
श्रीबांकेबिहारी के सुगम दर्शन के लिए सरकार द्वारा वृंदावन गलियारा व मंदिर न्यास बनाने के प्रकरण में चल रहे मामले में सर्वोच्च न्यायालय से सेवायत समाज को निष्पक्ष न्याय का पूरा भरोसा है। हमें आराध्य की सेवा से कोई वंचित नहीं कर सकता।
विज्ञापन
-आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी, सेवायत
अपने अधिकारों की सुरक्षा से सेवायत समाज कतई समझौता नहीं करेगा और इस बाबत समूचा समाज एकजुट है। आज उच्चतम न्यायालय में चली प्रक्रिया ने भी सेवायतों को राहत प्रदान की है।
-डॉ. मधुर बिहारी गोस्वामी सेवायत
सुप्रीम कोर्ट जो भी आदेश देगा, वह सभी को मान्य होगा। कोर्ट कभी एक पक्षीय आदेश नहीं करता। हमें सर्वोच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है। सोमवार को हुई सुनवाई से सेवायत समाज को लग रहा है कि कोर्ट ही वृंदावन की संस्कृति को बचाएगा।
- नितिन संवारिया, सेवायत