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Mathura News: नंदबाबा की कोष स्थली में बिखरे श्रद्धा व उत्साह के रंग
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एकता पदयात्रा में तिरंगा लेकर चलते सनातनी।
नवीन गोयल
कोसीकलां। दिल्ली से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा बृहस्पतिवार को जब नंदबाबा की कोष स्थली की धरती पर पहुंची तो पूरा शहर श्रद्धा और उत्साह के रंग में रंग गया। कोटवन बार्डर से लेकर मंडी समिति तक हर ओर भक्ति और उल्लास का माहौल छाया रहा। केसरिया पताकाओं, मंत्रोच्चार और जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से वातावरण गूंज उठा। मंडी समिति में आयोजित प्रवचन के दौरान आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा यह यात्रा सनातन धर्म की एकता और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक है। जाति और भेदभाव को भूलकर हमें धर्म और राष्ट्र के लिए समर्पित होना है। भारत एक हिंदू राष्ट्र के रूप में पुनः जगमगाएगा।
ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोषों के बीच हजारों लोग पारंपरिक परिधान में यात्रा के स्वागत के लिए जुट गए। महिलाओं ने आरती उतारी, बच्चियों ने रंगोली बनाकर आचार्य का अभिनंदन किया। अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर जय सनातन धर्म और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ स्वागत किया। पूरा मार्ग एक आध्यात्मिक मेले में बदल गया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। जिला पुलिस ने यात्रा मार्ग पर लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की। वहीं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं भी विभिन्न स्थानों पर निगरानी करते दिखे। ड्रोन कैमरों से भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक रूट तैयार किए ताकि आवाजाही प्रभावित न हो। यात्रा के शांतिपूर्ण संचालन में स्थानीय नागरिकों ने भी पूरा सहयोग दिया। संवाद
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कोसीकलां। दिल्ली से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा बृहस्पतिवार को जब नंदबाबा की कोष स्थली की धरती पर पहुंची तो पूरा शहर श्रद्धा और उत्साह के रंग में रंग गया। कोटवन बार्डर से लेकर मंडी समिति तक हर ओर भक्ति और उल्लास का माहौल छाया रहा। केसरिया पताकाओं, मंत्रोच्चार और जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से वातावरण गूंज उठा। मंडी समिति में आयोजित प्रवचन के दौरान आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा यह यात्रा सनातन धर्म की एकता और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक है। जाति और भेदभाव को भूलकर हमें धर्म और राष्ट्र के लिए समर्पित होना है। भारत एक हिंदू राष्ट्र के रूप में पुनः जगमगाएगा।
ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोषों के बीच हजारों लोग पारंपरिक परिधान में यात्रा के स्वागत के लिए जुट गए। महिलाओं ने आरती उतारी, बच्चियों ने रंगोली बनाकर आचार्य का अभिनंदन किया। अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर जय सनातन धर्म और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ स्वागत किया। पूरा मार्ग एक आध्यात्मिक मेले में बदल गया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। जिला पुलिस ने यात्रा मार्ग पर लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की। वहीं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं भी विभिन्न स्थानों पर निगरानी करते दिखे। ड्रोन कैमरों से भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक रूट तैयार किए ताकि आवाजाही प्रभावित न हो। यात्रा के शांतिपूर्ण संचालन में स्थानीय नागरिकों ने भी पूरा सहयोग दिया। संवाद
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