{"_id":"5e1627a48ebc3e87e021b0bb","slug":"tet-in-mathura-mathura-news-agr423855057","type":"story","status":"publish","title_hn":"36 केन्द्रों पर 23 हजार परीक्षार्थियों ने दी टीईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
36 केन्द्रों पर 23 हजार परीक्षार्थियों ने दी टीईटी
विज्ञापन
बीएसए कॉलेज में टेट परीक्षा देकर बाहर आते अभ्यर्थी।
- फोटो : MATHURA
मथुरा। 23007 बीएडधारक 36 परीक्षा केंद्रों पर बुधवार को शिक्षक बनने के लिए टीईटी में शामिल हुए। इस दौरान पूरे क्षेत्र को 18 सेक्टरों में बांटा गया। दो पालियों में हुई परीक्षा में पहली बार शामिल हुए बीएड कर रहे कुछ परीक्षार्थी कागजाती औपचारिकता पूर्ण न होने पर परीक्षा नहीं दे सके।
बुधवार सुबह से प्रशासन द्वारा नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट ने अपने-अपने केंद्रों पर परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली। पहली पाली की परीक्षा सुबह दस बजे से प्रारंभ हो गई, जिसमें शामिल होने वाले कुल 17 हजार 350 परीक्षार्थियों में 15 हजार 414 ने परीक्षा दी।
यह परीक्षा 36 परीक्षा केंद्रों पर 12:30 बजे तक चली। जब दूसरी पाली की परीक्षा में 18 परीक्षा केंद्रों पर कुल 8 हजार 675 परीक्षार्थियों में से 7 हजार 593 परीक्षार्थी शामिल हुए। दोनों पालियों में कुल मिलाकर 3 हजार 16 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जबकि परीक्षा में पहली दफा शामिल हो रहे बीएड कर रहे करीब एक हजार छात्र आवश्यक कागजी औपचारिकता पूरी न करने के कारण परीक्षा नहीं दे सके।
विज्ञापन
वंचित छात्रों का फूटा गुस्सा, लगाए आरोप
मथुरा। यूपी टीईटी में शामिल होने के लिए आए करीब एक हजार परीक्षार्थियों ऐसे थे जिनके द्वारा शासन द्वारा तय औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं थीं। जिसके चलते उन्हें परीक्षा से वंचित किया गया।
दरअसल यह परीक्षार्थी अभी बीएड कर रहे हैं। बीएड पूर्ण न करने वाले यानि की बीएड कर रहे परीक्षार्थियों को भी इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान की गई थी लेकिन शर्त यह थी कि वह जहां से बीएड कर रहे हैं वहीं के प्रधानाचार्य से कागजात अटेस्ट कराएंगे लेकिन इन परीक्षार्थियों द्वारा कागजात अटेस्ट अपनी इसी शिक्षण संस्थान से कराने थे जहां से वह बीएड कर रहे हैं।
विभिन्न केंद्रों पर ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया जिनके कागजात पूरे नहीं थे। बीएसए कॉलेज तथा प्रेमदेवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के परीक्षार्थी डीग भरतपुर निवासी रुचि शर्मा, कोटा निवासी मोनू मालव, डिडवार मध्यप्रदेश निवासी लोकेश पाराशर, मथुरा के मोहिनी भाटिया, कानपुर निवासी पूनम प्रजापति आदि ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के नियम की उन्हें पहले जानकारी नहीं दी गई थी।
जिसके चलते वह उसी शिक्षण संस्थान से अपने कागजात अटेस्ट नहीं करवा सके। हमें परीक्षा से वंचित किया गया है। परीक्षा से वंचित छात्रों द्वारा जब शोरशराबा किया गया तो परीक्षा केंद्र बीएसए कॉलेज पर सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह, सीओ सिटी तथा अन्य पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए। उनके द्वारा समझाने पर ही छात्र शांत हो सके।
शांतिपूर्ण रही परीक्षा
परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान कुछ परीक्षार्थी जिन्होंने कागजी औपचारिकता पूर्ण नहीं की थी वह परीक्षा से वंचित रहे।
- सतीश चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी अधिकारी परीक्षा एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
बुधवार सुबह से प्रशासन द्वारा नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट ने अपने-अपने केंद्रों पर परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली। पहली पाली की परीक्षा सुबह दस बजे से प्रारंभ हो गई, जिसमें शामिल होने वाले कुल 17 हजार 350 परीक्षार्थियों में 15 हजार 414 ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
यह परीक्षा 36 परीक्षा केंद्रों पर 12:30 बजे तक चली। जब दूसरी पाली की परीक्षा में 18 परीक्षा केंद्रों पर कुल 8 हजार 675 परीक्षार्थियों में से 7 हजार 593 परीक्षार्थी शामिल हुए। दोनों पालियों में कुल मिलाकर 3 हजार 16 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जबकि परीक्षा में पहली दफा शामिल हो रहे बीएड कर रहे करीब एक हजार छात्र आवश्यक कागजी औपचारिकता पूरी न करने के कारण परीक्षा नहीं दे सके।
विज्ञापन
वंचित छात्रों का फूटा गुस्सा, लगाए आरोप
मथुरा। यूपी टीईटी में शामिल होने के लिए आए करीब एक हजार परीक्षार्थियों ऐसे थे जिनके द्वारा शासन द्वारा तय औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं थीं। जिसके चलते उन्हें परीक्षा से वंचित किया गया।
दरअसल यह परीक्षार्थी अभी बीएड कर रहे हैं। बीएड पूर्ण न करने वाले यानि की बीएड कर रहे परीक्षार्थियों को भी इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान की गई थी लेकिन शर्त यह थी कि वह जहां से बीएड कर रहे हैं वहीं के प्रधानाचार्य से कागजात अटेस्ट कराएंगे लेकिन इन परीक्षार्थियों द्वारा कागजात अटेस्ट अपनी इसी शिक्षण संस्थान से कराने थे जहां से वह बीएड कर रहे हैं।
विभिन्न केंद्रों पर ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया जिनके कागजात पूरे नहीं थे। बीएसए कॉलेज तथा प्रेमदेवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के परीक्षार्थी डीग भरतपुर निवासी रुचि शर्मा, कोटा निवासी मोनू मालव, डिडवार मध्यप्रदेश निवासी लोकेश पाराशर, मथुरा के मोहिनी भाटिया, कानपुर निवासी पूनम प्रजापति आदि ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के नियम की उन्हें पहले जानकारी नहीं दी गई थी।
जिसके चलते वह उसी शिक्षण संस्थान से अपने कागजात अटेस्ट नहीं करवा सके। हमें परीक्षा से वंचित किया गया है। परीक्षा से वंचित छात्रों द्वारा जब शोरशराबा किया गया तो परीक्षा केंद्र बीएसए कॉलेज पर सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह, सीओ सिटी तथा अन्य पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए। उनके द्वारा समझाने पर ही छात्र शांत हो सके।
शांतिपूर्ण रही परीक्षा
परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान कुछ परीक्षार्थी जिन्होंने कागजी औपचारिकता पूर्ण नहीं की थी वह परीक्षा से वंचित रहे।
- सतीश चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी अधिकारी परीक्षा एडीएम प्रशासन