{"_id":"67e44f91b0e7272e1506aafa","slug":"suspended-panchayat-secretary-reinstated-while-stopping-temporary-salary-hike-mathura-news-c-369-1-sagr1038-127044-2025-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: अस्थायी वेतनवृद्धि रोकते हुए निलंबित पंचायत सचिव को किया बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: अस्थायी वेतनवृद्धि रोकते हुए निलंबित पंचायत सचिव को किया बहाल
विज्ञापन
मथुरा। तीन माह पूर्व उच्चाधिकारियों से उचित आचरण न किए जाने पर निलंबित पंचायत सचिव को डीपीआरओ ने बहाल कर दिया है। उसकी अस्थायी वेतन वृद्धि भी रोकी गई है। फिलहाल उन्हें किसी विकास खंड में तैनाती नहीं दी गई है। इसके लिए उसे अभी और इंतजार करना होगा।
विकास खंड चौमुहां में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) अनू कुमार को 13 दिसंबर 2024 को तत्कालीन डीपीआरओ किरन चौधरी ने निलंबित कर दिया था। सचिव पर उच्चाधिकारियों के साथ कर्मचारी सेवा नियमावली के विपरीत आचरण करने के आरोप लगाए गए थे। निलंबन के बाद मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी बलदेव मुकेश कुमार को सौंपी गई थी। उन्होंने अपनी जांच कर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंप दी थी। इसमें आचरण में सुधार किए जाने की बात लिखी गई थी। साथ ही पंचायत सचिव का बयान भी संलग्न किया गया था, जिसमें दोबारा ऐसा न करने का भरोसा दिलाया गया था।
जांच रिपोर्ट व अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए डीपीआरओ एके उपाध्याय ने पंचायत सचिव अनू कुमार की एक स्थायी वेतन वृद्धि रोकते हुए बहाल कर दिया है। साथ ही उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन करने और नियमानुसार आचरण करने की हिदायत भी दी है। फिलहाल सचिव को किसी विकास खंड में तैनाती न देते हुए कार्यालय से ही संबद्ध किया है। सूत्रों के अनुसार कुछ माह बाद उसे ब्लॉक और ग्राम पंचायतों का आवंटन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास खंड चौमुहां में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) अनू कुमार को 13 दिसंबर 2024 को तत्कालीन डीपीआरओ किरन चौधरी ने निलंबित कर दिया था। सचिव पर उच्चाधिकारियों के साथ कर्मचारी सेवा नियमावली के विपरीत आचरण करने के आरोप लगाए गए थे। निलंबन के बाद मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी बलदेव मुकेश कुमार को सौंपी गई थी। उन्होंने अपनी जांच कर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंप दी थी। इसमें आचरण में सुधार किए जाने की बात लिखी गई थी। साथ ही पंचायत सचिव का बयान भी संलग्न किया गया था, जिसमें दोबारा ऐसा न करने का भरोसा दिलाया गया था।
विज्ञापन
जांच रिपोर्ट व अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए डीपीआरओ एके उपाध्याय ने पंचायत सचिव अनू कुमार की एक स्थायी वेतन वृद्धि रोकते हुए बहाल कर दिया है। साथ ही उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन करने और नियमानुसार आचरण करने की हिदायत भी दी है। फिलहाल सचिव को किसी विकास खंड में तैनाती न देते हुए कार्यालय से ही संबद्ध किया है। सूत्रों के अनुसार कुछ माह बाद उसे ब्लॉक और ग्राम पंचायतों का आवंटन किया जाएगा।
विज्ञापन