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Mathura News: 10 वर्ष बाद मिली सुप्रीम कोर्ट से 2777 पेड़ कटान की अनुमति
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मथुरा। जिले में 10 वर्ष से अटकी फोरलेन सड़क परियोजना में बाधक 2777 पेड़ कटान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दे दी है। इसके बाद कोसी-गोवर्धन-सौंख रोड से मथुरा तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य को गति मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की 86 किमी की यह परियोजना वर्ष 2016 में सपा सरकार ने स्वीकृत की थी। तब इसके लिए 498 करोड रुपए स्वीकृत हुए थे। वर्षों तक इसमें बाधक 9127 पेड़ कटान की अनुमति नहीं मिल सकी थी। इस कारण पुनः परियोजना बनाकर इस रोड को वर्ष 2024 में 181 करोड़ रुपए से 7 से 10 मीटर चौड़ा किया गया। वहीं भूमि उपलब्ध होने पर राया कट से लक्ष्मी नगर तिराहे तक इसे फोरलेन बना दिया है। वहीं इसमें लक्ष्मी नगर तिराहे से नरहौली चौराहे तक की सड़क को विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया जा रहा है।
इसी दौरान इसकी फोरलेन निर्माण की पुनः भेजी गई रिवाइज परियोजना के लिए 786 करोड़ रुपए भी मंजूर हो गए थे। इस बार इसमें सड़क किनारे दो-दो मीटर के फुटपाथ हटा दिए गए। वहीं बीच के डिवाइडर की चौड़ाई डेढ़ से घटाकर आधा मीटर कर दी और दोनों लेन की सड़क भी 9 मीटर से घटाकर 7-7 मीटर चौड़ी कर दी है। चौड़ाई घटाने के कारण अब इसमें काटने वाले पेड़ों की संख्या भी 9127 से घटकर 2777 रह गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने विगत 21 जुलाई को 2777 पेड़ काटने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके बाद अब इस सड़क पर काम तेज हो जाएगा।
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वन विभाग को दी 28 हेक्टेयर पौधरोपण भूमि
फोरलेन सड़क परियोजना के लिए काटे जाने वाले 2777 पेड़ की एवज में 10 गुना पौधरोपण करने के लिए वन विभाग को महावन तहसील के गांव ततरौता में 28 हेक्टेयर जमीन प्रदान की गई है। यहां 10 वर्षों तक वन विभाग द्वारा पौधे रोप कर उनका संरक्षण किया जाएगा। यहां पौधरोपण के लिए पीडब्ल्यूडी ने वन विभाग को पैसे भी दिए हैं। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण में जाने वाली वन विभाग की संरक्षित भूमि के बदले पीडब्ल्यूडी द्वारा 18 हेक्टेयर जमीन दी जानी बाकी है। इसके लिए अभी भी भूमि की तलाश चल रही है।
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लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की 86 किमी की यह परियोजना वर्ष 2016 में सपा सरकार ने स्वीकृत की थी। तब इसके लिए 498 करोड रुपए स्वीकृत हुए थे। वर्षों तक इसमें बाधक 9127 पेड़ कटान की अनुमति नहीं मिल सकी थी। इस कारण पुनः परियोजना बनाकर इस रोड को वर्ष 2024 में 181 करोड़ रुपए से 7 से 10 मीटर चौड़ा किया गया। वहीं भूमि उपलब्ध होने पर राया कट से लक्ष्मी नगर तिराहे तक इसे फोरलेन बना दिया है। वहीं इसमें लक्ष्मी नगर तिराहे से नरहौली चौराहे तक की सड़क को विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया जा रहा है।
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इसी दौरान इसकी फोरलेन निर्माण की पुनः भेजी गई रिवाइज परियोजना के लिए 786 करोड़ रुपए भी मंजूर हो गए थे। इस बार इसमें सड़क किनारे दो-दो मीटर के फुटपाथ हटा दिए गए। वहीं बीच के डिवाइडर की चौड़ाई डेढ़ से घटाकर आधा मीटर कर दी और दोनों लेन की सड़क भी 9 मीटर से घटाकर 7-7 मीटर चौड़ी कर दी है। चौड़ाई घटाने के कारण अब इसमें काटने वाले पेड़ों की संख्या भी 9127 से घटकर 2777 रह गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने विगत 21 जुलाई को 2777 पेड़ काटने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके बाद अब इस सड़क पर काम तेज हो जाएगा।
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वन विभाग को दी 28 हेक्टेयर पौधरोपण भूमि
फोरलेन सड़क परियोजना के लिए काटे जाने वाले 2777 पेड़ की एवज में 10 गुना पौधरोपण करने के लिए वन विभाग को महावन तहसील के गांव ततरौता में 28 हेक्टेयर जमीन प्रदान की गई है। यहां 10 वर्षों तक वन विभाग द्वारा पौधे रोप कर उनका संरक्षण किया जाएगा। यहां पौधरोपण के लिए पीडब्ल्यूडी ने वन विभाग को पैसे भी दिए हैं। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण में जाने वाली वन विभाग की संरक्षित भूमि के बदले पीडब्ल्यूडी द्वारा 18 हेक्टेयर जमीन दी जानी बाकी है। इसके लिए अभी भी भूमि की तलाश चल रही है।