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वृक्षों की छांव में विकसित होगा छात्रों का भविष्य : कुलाधिपति
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पौधरोपण करते जीएलए विवि के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल व अन्य
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मथुरा । विश्व पर्यावरण दिवस पर जीएलए विश्वविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में विशेष पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता तथा कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की।
इस दौरान कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने बरगद, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने नीली गुल मोहर व कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने पीपल के पौधे रोपित किए गए। विवि के हॉर्टीकल्चर विभाग के एडवाइजर बनवारीलाल पचौरी ने गुग्गुल के पौधे के बारे में जानकारी दी। विभाग के अधीक्षक डाॅ. गुलाब सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में परिसर में 11 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परिसर में अब तक 50 हजार से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। इसी सोच के साथ जीएलए वर्षों से पौधरोपण अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जीएलए विश्वविद्यालय का परिसर वृक्षों से इतना अधिक हरित हो जाएगा कि यहां का तापमान बाहरी वातावरण की तुलना में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम रहेगा।
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उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि विद्यार्थी केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं बल्कि प्रकृति की गोद में रहकर स्वस्थ, सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण का अनुभव भी करें। हर लगाया गया पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। कुलाधिपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पौधरोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष एक पौधा भी लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को याद दिलाने का अवसर है। जीएलए विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ पर्यावरणीय चेतना से भी जोड़ने के लिए प्रयासरत है। सभी ने संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी ताकि वे वृक्षों का रूप धारण कर सकें। इस अवसर पर डाॅ. हिमांशु शर्मा, डाॅ. शैलेश कुमार सिंह, आशीमा आहूजा, विनीता पांडे, उदयवीर श्याम सिंह, धर्मेंद्र कुलश्रेष्ठ आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने बरगद, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने नीली गुल मोहर व कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने पीपल के पौधे रोपित किए गए। विवि के हॉर्टीकल्चर विभाग के एडवाइजर बनवारीलाल पचौरी ने गुग्गुल के पौधे के बारे में जानकारी दी। विभाग के अधीक्षक डाॅ. गुलाब सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में परिसर में 11 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परिसर में अब तक 50 हजार से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं।
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इस अवसर पर कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। इसी सोच के साथ जीएलए वर्षों से पौधरोपण अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जीएलए विश्वविद्यालय का परिसर वृक्षों से इतना अधिक हरित हो जाएगा कि यहां का तापमान बाहरी वातावरण की तुलना में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम रहेगा।
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उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि विद्यार्थी केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं बल्कि प्रकृति की गोद में रहकर स्वस्थ, सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण का अनुभव भी करें। हर लगाया गया पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। कुलाधिपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पौधरोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष एक पौधा भी लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को याद दिलाने का अवसर है। जीएलए विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ पर्यावरणीय चेतना से भी जोड़ने के लिए प्रयासरत है। सभी ने संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी ताकि वे वृक्षों का रूप धारण कर सकें। इस अवसर पर डाॅ. हिमांशु शर्मा, डाॅ. शैलेश कुमार सिंह, आशीमा आहूजा, विनीता पांडे, उदयवीर श्याम सिंह, धर्मेंद्र कुलश्रेष्ठ आदि मौजूद रहे।