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Mathura News: श्रीरामलीला संस्थान के अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान खत्म
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कोसीकलां। उत्तर भारत के ऐतिहासिक भरत मिलाप मेले के सफल आयोजन को लेकर श्री रामलीला संस्थान के द्विवार्षिक चुनाव में अध्यक्ष पद को लेकर दो दिन से चल रही खींचतान मंगलवार को समाप्त हो गई। पंचों द्वारा कराई गई वोटिंग में गिर्राज चौधरी को अध्यक्ष पद की कमान मिल गई। उन्हें 9 वोट, जबकि उनके प्रतिद्वंदी अजय वार्ष्णेय को 6 वोट मिले। नतीजा आते ही गिर्राज चौधरी गुट में खुशी की लहर दौड़ गई और समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई दी।
30 अगस्त को भरत मिलाप चौक पर रामलीला संस्थान के अध्यक्ष पद को लेकर आयोजित आम सभा की बैठक में अध्यक्ष पद के दावेदारों के बीच आम सहमति नहीं बन सकी। आम सभा में मनोनीत किए गए पंचों के मध्य भी आम सहमति न बनने के कारण अध्यक्ष का चुनाव नही हो सका था। मंगलवार को सभा के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के निवास पर पंचों की बैठक में अध्यक्ष पद को लेकर मतदान कराया गया। मतदान में सभी पंचों ने हिस्सा लिया, जिसमें गिर्राज चौधरी को 9 और अजय कुमार वार्ष्णेय को 6 वोट प्राप्त हुए। परिणाम घोषित होने के बाद सभा के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने गिरिराज चौधरी के रामलीला संस्थान का अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। बैठक में भानुप्रताप सिंह, कमल किशाेर वाष्णेय, जगदीश सुपानिया, सुभाष चौधरी, नरेंद्र गुर्जर, सत्यप्रकाश शर्मा, श्याम सिंह, संजीव जाविया, सुभाष गोयल, तरूण सेठ, भगवत रूहेला, भजनलाल चौधरी, डा.प्रकाश आर्य, राजीव अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह, चंद्रवर्धन अग्रवाल आदि थे।
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एक वर्ष के लिए बने अध्यक्ष
आमसभा के अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया कि श्री रामलीला संस्थान के चुनाव में पंचों की वोटिंग से गिर्राज चौधरी को एक वर्ष के लिए अध्यक्ष चुना गया है। मेला संपन्न होने के पश्चात आजीवन सदस्य बनाएं जाएंगे। इसके लिए 1100 रुपया शुल्क निर्धरित किया गया है। अगले वर्ष अध्यक्ष व मंत्री का चुनाव आजीवन सदस्य मतदान करके करेंगें। वही अध्यक्ष पद के लिए 31000 तथा मंत्री पद के लिए 21000 रुपये नामांकन शुल्क रखे जाने का निर्णय लिया गया।
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30 अगस्त को भरत मिलाप चौक पर रामलीला संस्थान के अध्यक्ष पद को लेकर आयोजित आम सभा की बैठक में अध्यक्ष पद के दावेदारों के बीच आम सहमति नहीं बन सकी। आम सभा में मनोनीत किए गए पंचों के मध्य भी आम सहमति न बनने के कारण अध्यक्ष का चुनाव नही हो सका था। मंगलवार को सभा के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के निवास पर पंचों की बैठक में अध्यक्ष पद को लेकर मतदान कराया गया। मतदान में सभी पंचों ने हिस्सा लिया, जिसमें गिर्राज चौधरी को 9 और अजय कुमार वार्ष्णेय को 6 वोट प्राप्त हुए। परिणाम घोषित होने के बाद सभा के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने गिरिराज चौधरी के रामलीला संस्थान का अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। बैठक में भानुप्रताप सिंह, कमल किशाेर वाष्णेय, जगदीश सुपानिया, सुभाष चौधरी, नरेंद्र गुर्जर, सत्यप्रकाश शर्मा, श्याम सिंह, संजीव जाविया, सुभाष गोयल, तरूण सेठ, भगवत रूहेला, भजनलाल चौधरी, डा.प्रकाश आर्य, राजीव अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह, चंद्रवर्धन अग्रवाल आदि थे।
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एक वर्ष के लिए बने अध्यक्ष
आमसभा के अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया कि श्री रामलीला संस्थान के चुनाव में पंचों की वोटिंग से गिर्राज चौधरी को एक वर्ष के लिए अध्यक्ष चुना गया है। मेला संपन्न होने के पश्चात आजीवन सदस्य बनाएं जाएंगे। इसके लिए 1100 रुपया शुल्क निर्धरित किया गया है। अगले वर्ष अध्यक्ष व मंत्री का चुनाव आजीवन सदस्य मतदान करके करेंगें। वही अध्यक्ष पद के लिए 31000 तथा मंत्री पद के लिए 21000 रुपये नामांकन शुल्क रखे जाने का निर्णय लिया गया।
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