{"_id":"682f72522787f8d9590b0ef6","slug":"storm-disturbed-sleep-power-was-out-all-night-mathura-news-c-369-1-mt11010-129965-2025-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: आंधी ने उड़ाई नींद, रातभर गुल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: आंधी ने उड़ाई नींद, रातभर गुल रही बिजली
विज्ञापन
मथुरा। विद्युत आपूर्ति की मांग को लेकर हंगामा करते लोग।
- फोटो : mathura
वृंदावन। बुधवार रात आई तेज आंधी और बिजली संविदाकर्मियों की हड़ताल ने वृंदावन शहर की विद्युत व्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी। आंधी के कारण कई इलाकों में बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, लेकिन इन फॉल्ट की मरम्मत नहीं हो सकी, जिससे शहर के अधिकतर हिस्सों में पूरी रात अंधेरा रहा। भीषण गर्मी और उमस में लोगों की नींद उड़ गई। इन्वर्टर भी रात में ही जवाब दे गए।
बिजली के लंबे समय तक गुल रहने से लोगों का बुरा हाल हो गया। बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत तक बिगड़ने लगी। रातभर लोग जागते रहे। मोबाइल चार्जिंग, पानी भरने और अन्य जरूरी काम पूरी तरह ठप हो गए।
बिजली न आने से टंकी और पंप भी बंद हो गए, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। सुबह होते-होते पानी की किल्लत से परेशान महिलाओं ने विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि तत्काल व्यवस्था दुरुस्त की जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आपदा जैसी स्थिति में वैकल्पिक योजना पहले से तैयार होनी चाहिए थी। संविदाकर्मियों की हड़ताल पहले से तय थी फिर भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि संविदाकर्मियों से जल्द वार्ता कर हड़ताल खत्म कराई जाए।
विज्ञापन
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता एके कपिल ने बताया कि संविदा कर्मियों की हड़ताल और तेज आंधी की वजह से कई जगह विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी। हालांकि प्राइवेट कर्मचारियों की मदद से प्रयास करते हुए शाम तक अधिकतर क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को बहाल कर दिया है। मरम्मत कार्य अब भी कई इलाकों में जारी है।
विज्ञापन
बिजली के लंबे समय तक गुल रहने से लोगों का बुरा हाल हो गया। बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत तक बिगड़ने लगी। रातभर लोग जागते रहे। मोबाइल चार्जिंग, पानी भरने और अन्य जरूरी काम पूरी तरह ठप हो गए।
विज्ञापन
बिजली न आने से टंकी और पंप भी बंद हो गए, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। सुबह होते-होते पानी की किल्लत से परेशान महिलाओं ने विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि तत्काल व्यवस्था दुरुस्त की जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आपदा जैसी स्थिति में वैकल्पिक योजना पहले से तैयार होनी चाहिए थी। संविदाकर्मियों की हड़ताल पहले से तय थी फिर भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि संविदाकर्मियों से जल्द वार्ता कर हड़ताल खत्म कराई जाए।
विज्ञापन
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता एके कपिल ने बताया कि संविदा कर्मियों की हड़ताल और तेज आंधी की वजह से कई जगह विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी। हालांकि प्राइवेट कर्मचारियों की मदद से प्रयास करते हुए शाम तक अधिकतर क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को बहाल कर दिया है। मरम्मत कार्य अब भी कई इलाकों में जारी है।