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राजमिस्त्री, पत्थर कारीगर और दर्जी के बेटों ने जेईई मेन में सफलता पाई
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 28 Apr 2017 09:10 PM IST
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योगेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन के परिणाम में जिले के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है। कई गरीब परिवाराें के विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। निमित्त मात्र सोसाइटी की ओर से संचालित लक्ष्य-30 के 30 में से 28 विद्यार्थी सफल हुए हैं। इसमें राजमिस्त्री, पत्थर कारीगर और दर्जी के बेटों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।
निमित्त मात्र सोसाइटी लक्ष्य-30 के तहत प्रवेश परीक्षा के आधार पर गरीब परिवारों के 30 मेधावी विद्यार्थियाें का चयन करता है। इनको नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। इसी संस्थान के योगेश कुमार ने 360 में 153 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। यह विलासगंज, अवधपुरी बोदला के रहने वाले हैं। पिता खूबचंद राजमिस्त्री हैं।
इनको महीने में पूरे दिन काम भी नहीं मिलता। मां गंगादेवी गृहणी हैं। खूबचंद मेहनत-मजदूरी करके योगेश के साथ छोटे बेटे पंकज (कक्षा 11) को पढ़ा रहे हैं। योगेश का कहना है कि पिता की मेहनत को सार्थक बनाने के लिए वह जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करते हैं।
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लक्ष्य-30 के ही छात्र हर्षित वर्मा ने 112 अंक हासिल किया है। इनका परिवार बोदला में रहता है। पिता वितेंद्र वर्मा पत्थर के कारखाने में कारीगर हैं। वहीं मुकुल वर्मा ने जेईई मेन में सफलता प्राप्त की है। उनके पिता कपड़ा सिलने का काम करते हैं। लक्ष्य-30 के एकेडमिक हेड प्रो. एससी अग्रवाल ने 30 में से 28 विद्यार्थियों के सफल होने पर खुशी जाहिर की है।
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निमित्त मात्र सोसाइटी लक्ष्य-30 के तहत प्रवेश परीक्षा के आधार पर गरीब परिवारों के 30 मेधावी विद्यार्थियाें का चयन करता है। इनको नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। इसी संस्थान के योगेश कुमार ने 360 में 153 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। यह विलासगंज, अवधपुरी बोदला के रहने वाले हैं। पिता खूबचंद राजमिस्त्री हैं।
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इनको महीने में पूरे दिन काम भी नहीं मिलता। मां गंगादेवी गृहणी हैं। खूबचंद मेहनत-मजदूरी करके योगेश के साथ छोटे बेटे पंकज (कक्षा 11) को पढ़ा रहे हैं। योगेश का कहना है कि पिता की मेहनत को सार्थक बनाने के लिए वह जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करते हैं।
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लक्ष्य-30 के ही छात्र हर्षित वर्मा ने 112 अंक हासिल किया है। इनका परिवार बोदला में रहता है। पिता वितेंद्र वर्मा पत्थर के कारखाने में कारीगर हैं। वहीं मुकुल वर्मा ने जेईई मेन में सफलता प्राप्त की है। उनके पिता कपड़ा सिलने का काम करते हैं। लक्ष्य-30 के एकेडमिक हेड प्रो. एससी अग्रवाल ने 30 में से 28 विद्यार्थियों के सफल होने पर खुशी जाहिर की है।