फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   ...so there was negligence on the part of the then officials also

Mathura News: ...तो तत्कालीन अधिकारियों की भी रही लापरवाही

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 05:05 AM IST
विज्ञापन
...so there was negligence on the part of the then officials also
मथुरा। पानी की टंकी के गिरने के मामले में जल निगम ने स्वीकार किया है कि हादसे के पीछे तत्कालीन अधिकारी भी जिम्मेदार हो सकते हैं। उनकी जिम्मेदारी न होने से सीधे तौर पर इन्कार नहीं किया जा सका है। यह इस वाक्य मुकदमे के लिए दी गई तहरीर में लिखा गया है। रविवार देर रात 2.34 बजे शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद से ठेकेदार फरार हो गए हैं। अधिकारियों ने उन्हें फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। फोन भी नहीं लगे।
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता निर्माण खंड, उप्र जल निगम (नगरीय) मथुरा रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से दर्ज कराए मुकदमे के अनुसार, अमृत कार्यक्रम के तहत मथुरा पुनर्गठन पेयजल योजना थू गोकुल बैराज पार्ट-1, की स्वीकृत लागत 3864.12 लाख रुपये थी। निर्माण कार्य के लिए फर्म मैसर्स एसएम. कंस्ट्रक्शन, 109, अदन बाग एक्सटेंशन, दयालबाग, आगरा, जिसकी हिस्सेदारी 51 प्रतिशत, जेवी मैसर्स बनवारी निवासी 230, महर्षि पुरम, आगरा की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत, जेवी मैसर्स त्रिलोक सिंह रावत, निवासी दोब, नौला (मासी), अल्मोड़ा, उत्तराखंड की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत के साथ अनुबंध संख्या 8/जीएम-डीएसयू/ 2018-19, 22 जनवरी 2019 किया गया।
विज्ञापन

अनुबंध के तहत 74.43 किमी वितरण प्रणाली के तहत 11238 पेयजल कनेक्शन देने, दो ओवरहेड टैंक 1650 केएल चंद्रपुरी एवं 2500 केएल कृष्ण विहार में निर्मित किए गए है। दो भूमिगत जलाशय 600 केएल चंद्रपुरी एवं 3700 केएल कृष्ण विहार में निर्मित किए गए। योजना के सभी कार्य 30 नवंबर 2021 पूर्ण किए गए। 16 जनवरी 2023 को नगर निगम मथुरा-वृंदावन, मथुरा को यह हस्तांतरित की गई। 30 जून 2024 की शाम 6 बजे करीब कृष्ण बिहार में निर्मित 2500 केएल यानी 2.50 लाख लीटर क्षमता की टंकी क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। इसमें दो महिलाओं की मौत व कई लोगों के चोटिल होने की सूचना मिली। अनुबंधित फर्म मैसर्स एसएम कंस्ट्रक्शन, जेवी मैसर्स बनवारी और जेवी मैसर्स त्रिलोक सिंह रावत द्वारा टंकी के निर्माण कार्य में अधोमानक गुणवत्ता एवं लापरवाही पूर्वक कार्य कराया जाना प्रतीत होता है। इस घटना में तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही से भी मना नहीं किया जा सकता है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हादसा इतना बड़ा, मुकदमा जमानती धाराओं में
हादसा में बेशक दो लोगों की जान चली गई। 14 लोग घायल हो गए। करोड़ों रुपये की माल हानि हुई है। मगर, मुकदमा जमानती धाराओं में दर्ज हुआ है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और धारा 338 (उतावलेपन और उपेक्षा से कोई कार्य करना, जिससे दूसरों की जान खतरे में पड़ जाए) में दर्ज हुआ है। दोनों ही धाराएं 7 साल से कम सजा की है। इसके चलते यह जमानती हैं।


कई अधिकारियों की फंसेगी गर्दन
हादसे को लेकर जल निगम, नगर निगम के कार्यालय में चर्चा है कि तत्कालीन अधिकारियों ने इसमें मोटी कमिशनखोरी की। हैंडओवर के समय भी लापरवाही बरती गई। एक जनप्रतिनिधि ने भी इसमें पैसा खाया। अगर निष्पक्ष विवेचना हो तो इनके नाम भी जांच में खुल सकते हैं। अगर, ऐसा हुआ तो इनका जेल जाना तय है।



एसआई संदीप कुमार करेंगे जांच
एसपी सिटी डाॅ. अरविंद कुमार ने बताया कि शहर कोतवाली की बीएसए चौकी प्रभारी एसआई संदीप सिंह इस मुकदमे की विवेचना करेंगे। स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि इस मुकदमे की विवेचना बेहद सटीक, तथ्यपूर्ण और निष्पक्ष होनी चाहिए। अगर कोई विवेचना को लेकर दबाव बनाए तो उसके खिलाफ भी सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करते हुए इसमें संबद्ध करें। किसी भी स्तर से आरोपियों को लाभ नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed