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Vrindavan: श्रीबांकेबिहारी मंदिर में बिगड़े हालात, भीड़ के दबाव और धक्का-मुक्की के बीच श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Wed, 29 Jan 2025 09:19 PM IST
अरुन पाराशर
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 29 Jan 2025 09:19 PM IST
सार
मंदिर परिसर में भीड़ के दबाव से धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माैनी अमावस्या पर दर्शन किए।
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बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ा भक्तों का हुूजूम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के वृंदावन में मौनी अमावस्या पर बुधवार को श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। सुबह से ही मंदिर की संकरी गलियों में श्रद्धालुओं की कतार लग गई। मंदिर की सीढ़ियों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने रोक-रोककर भक्तों को मंदिर के अंदर भेजा। इसके बावजूद भक्तों ने भीड़ का दबाव और धक्का-मुक्की के बीच दर्शन किए।
बुधवार सुबह मंदिर के पट खुलने से पहले ही आराध्य के दर्शन के लिए मंदिर के प्रवेश द्वार दो और तीन के सामने और गलियों में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। पट खुलते ही श्रद्धालुओं के रेला ने मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर बांकेबिहारी के जयकारों से गुंजायमान हो गया। मंदिर से लेकर, गलियों व विद्यापीठ चौराहे तक भक्तों की पांच सौ मीटर लंबी कतार लगी गई।
दूसरी ओर जुगलघाट परिक्रमा मार्ग तक भीड़ लगी रही। भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं को बड़ी मुश्किल से ठाकुरजी के दर्शन हुए। शाम के समय भी बांकेबिहारी मंदिर में भारी भीड़ लगी रही। इधर भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन के साथ नगर की परिक्रमा लगाई। इससे पहले भक्तों ने यमुना में स्नान और दानपुण्य किया।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि मौनी अमावस्या पर दर्शन, यमुना स्नान एवं दानपुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए भक्तजन सुबह से ही बड़ी संख्या में ठाकुरजी के दर्शन के लिए आए। लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए।
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बुधवार सुबह मंदिर के पट खुलने से पहले ही आराध्य के दर्शन के लिए मंदिर के प्रवेश द्वार दो और तीन के सामने और गलियों में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। पट खुलते ही श्रद्धालुओं के रेला ने मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर बांकेबिहारी के जयकारों से गुंजायमान हो गया। मंदिर से लेकर, गलियों व विद्यापीठ चौराहे तक भक्तों की पांच सौ मीटर लंबी कतार लगी गई।
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दूसरी ओर जुगलघाट परिक्रमा मार्ग तक भीड़ लगी रही। भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं को बड़ी मुश्किल से ठाकुरजी के दर्शन हुए। शाम के समय भी बांकेबिहारी मंदिर में भारी भीड़ लगी रही। इधर भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन के साथ नगर की परिक्रमा लगाई। इससे पहले भक्तों ने यमुना में स्नान और दानपुण्य किया।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि मौनी अमावस्या पर दर्शन, यमुना स्नान एवं दानपुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए भक्तजन सुबह से ही बड़ी संख्या में ठाकुरजी के दर्शन के लिए आए। लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए।