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राधा रानी की नानी के गांव मुखराई पहुंची ब्रजयात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:42 PM IST
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श्री मानमंदिर बरसाना के तत्वाधान में चल रही ब्रज चौरासी कोस (श्रीराधारानी ब्रजयात्रा) सोमवार को श्रीराधारानी की नानी मुखरा जी के गांव मुखराई पहुंची। यहां ग्रामीणों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया।
राधारानी की नानी मुखरा जी जिन्होंने मैया यशोदा को भी बाल्यावस्था में दुग्धपान कराया था। मुखराई उन्हीं का गांव है। भगवताचार्या बाल साध्वी श्रीजी शर्मा ने मुखराई की महिमा बताई। यहां मंदिर में यात्रियों ने दर्शन किए। इसके पूर्व ब्रज यात्रियों ने राल, भदाल, जुल्हेंदी आदि स्थलों का भी दर्शन किया।
सायं ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा ने राधारानी की मनोहर लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज हमारे आराध्य की उपस्थिति के प्रमाण हैं। तीर्थों के संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। यमुना का लोक और प्रदूषण देखकर भी हमारी आंखें नहीं खुलतीं।
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इसी संदर्भ में उन्होंने सभी ब्रजवासियों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। यमुना मुक्तिकरण यात्रा के संयोजक राधाकांत शास्त्री और सह संयोजक सुनील सिंह ने कहा कि हम सभी ब्रजवासियों का संकल्प है कि यमुना के मुक्तिकरण के बिना न सुख से बैठेंगे और न बैठने देंगे। मुखराई में समस्त यात्रियों को दूध छककर पीने के लिए दिया गया।
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राधारानी की नानी मुखरा जी जिन्होंने मैया यशोदा को भी बाल्यावस्था में दुग्धपान कराया था। मुखराई उन्हीं का गांव है। भगवताचार्या बाल साध्वी श्रीजी शर्मा ने मुखराई की महिमा बताई। यहां मंदिर में यात्रियों ने दर्शन किए। इसके पूर्व ब्रज यात्रियों ने राल, भदाल, जुल्हेंदी आदि स्थलों का भी दर्शन किया।
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सायं ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा ने राधारानी की मनोहर लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज हमारे आराध्य की उपस्थिति के प्रमाण हैं। तीर्थों के संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। यमुना का लोक और प्रदूषण देखकर भी हमारी आंखें नहीं खुलतीं।
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इसी संदर्भ में उन्होंने सभी ब्रजवासियों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। यमुना मुक्तिकरण यात्रा के संयोजक राधाकांत शास्त्री और सह संयोजक सुनील सिंह ने कहा कि हम सभी ब्रजवासियों का संकल्प है कि यमुना के मुक्तिकरण के बिना न सुख से बैठेंगे और न बैठने देंगे। मुखराई में समस्त यात्रियों को दूध छककर पीने के लिए दिया गया।