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जिले में पेट्रोल का संकट
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 10 May 2015 11:53 PM IST
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भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के पेट्रोल पंपों पर रविवार को अचानक पेट्रोल खत्म होने के बोर्ड लगा दिए गए। वाहन चालकों को वापस लौटना पड़ा। इससे अन्य पेट्रोलियम कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ गया। यह स्थिति भारत पेट्रोलियम की मुंबई हाई स्थित रिफाइनरी से आपूर्ति गड़बड़ाने के कारण पैदा हुई।
जनपद में 97 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इनमें से 20 पेट्रोल पंप भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के हैं। इन पेट्रोल पंपों पर रविवार को दोपहर में पेट्रोल खत्म हो गया। इससे पेट्रोल को लेकर आपाधापी की स्थिति बन गई। यह स्थिति शहर में ज्यादा नजर आई। शहर में स्थापित पांच में से तीन पंप भारत पेट्रोलियम के हैं। यहां वाहन पेट्रोल के लिए पहुंचते तो उन्हें वापस कर दिया गया।
बार-बार मना करने से परेशान संचालकों ने पेट्रोल खत्म होने के बोर्ड लगा दिए। इन पंपों पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और भंडारण के लिए रिफाइनरी के निकट भारत पेट्रोलियम की टेरेटरी के दो डिपो बने हैं। इन डिपो पर मुंबई हाई स्थित रिफाइनरी से रेलवे के टैंक वैगन से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति की जाती है। पेट्रोल संकट का कारण मुंबई से पेट्रोल की रैक न आना और तकनीकी खामी बताया जा रहा है। 20 में से करीब छह पंप शनिवार की रात में ही ड्राई हो गए थे।
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पेट्रोल की रैक का इंतजार
रिफाइनरी नगर। भारत पेट्रोलियम डिपो में पेट्रोल की आपूर्ति ठप होने के बाद मथुरा रिफाइनरी के सामने स्थिति भारत टेरेटरी में टैंकरों की लंबी लाइन लग गई। पेट्रोल के इंतजार में टैंकर खडे़ हो गए हैं।
आईओसी के पंपों पर बढ़ा दबाव
मथुरा। भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म होने के बाद अब आईओसी के पंपों पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि पेट्रोल की कोई समस्या मथुरा रिफाइनरी से आईओसी के पंपों पर नजर नहीं आ रही है। आईओसी के अफसरों का कहना है कि डिमांड के अनुरूप आपूर्ति की जाएगी।
क्रूड ऑयल के दामों में उछाल भी कारण
मथुरा। बीपीसीएल के पेट्रोल पंप पर आपूर्ति न मिलने के पीछे क्रूड ऑयल के दामों में आई बढ़ोत्तरी बताई जा रहा है। बीपीसीएल से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कंपनी ने कच्चे तेल के दाम कम होने पर बफर में प्रति बैरल के हिसाब से सस्ते में तय किया था। अब कच्चे तेल के दाम बढ़ जाने पर जिस कंपनी से सस्ते में कच्चा तेल तय किया था वहां से सस्ता माल नहीं मिल रहा है। इसे तकनीकी खामी बताया जा रहा है।
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जनपद में 97 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इनमें से 20 पेट्रोल पंप भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के हैं। इन पेट्रोल पंपों पर रविवार को दोपहर में पेट्रोल खत्म हो गया। इससे पेट्रोल को लेकर आपाधापी की स्थिति बन गई। यह स्थिति शहर में ज्यादा नजर आई। शहर में स्थापित पांच में से तीन पंप भारत पेट्रोलियम के हैं। यहां वाहन पेट्रोल के लिए पहुंचते तो उन्हें वापस कर दिया गया।
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बार-बार मना करने से परेशान संचालकों ने पेट्रोल खत्म होने के बोर्ड लगा दिए। इन पंपों पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और भंडारण के लिए रिफाइनरी के निकट भारत पेट्रोलियम की टेरेटरी के दो डिपो बने हैं। इन डिपो पर मुंबई हाई स्थित रिफाइनरी से रेलवे के टैंक वैगन से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति की जाती है। पेट्रोल संकट का कारण मुंबई से पेट्रोल की रैक न आना और तकनीकी खामी बताया जा रहा है। 20 में से करीब छह पंप शनिवार की रात में ही ड्राई हो गए थे।
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पेट्रोल की रैक का इंतजार
रिफाइनरी नगर। भारत पेट्रोलियम डिपो में पेट्रोल की आपूर्ति ठप होने के बाद मथुरा रिफाइनरी के सामने स्थिति भारत टेरेटरी में टैंकरों की लंबी लाइन लग गई। पेट्रोल के इंतजार में टैंकर खडे़ हो गए हैं।
आईओसी के पंपों पर बढ़ा दबाव
मथुरा। भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म होने के बाद अब आईओसी के पंपों पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि पेट्रोल की कोई समस्या मथुरा रिफाइनरी से आईओसी के पंपों पर नजर नहीं आ रही है। आईओसी के अफसरों का कहना है कि डिमांड के अनुरूप आपूर्ति की जाएगी।
क्रूड ऑयल के दामों में उछाल भी कारण
मथुरा। बीपीसीएल के पेट्रोल पंप पर आपूर्ति न मिलने के पीछे क्रूड ऑयल के दामों में आई बढ़ोत्तरी बताई जा रहा है। बीपीसीएल से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कंपनी ने कच्चे तेल के दाम कम होने पर बफर में प्रति बैरल के हिसाब से सस्ते में तय किया था। अब कच्चे तेल के दाम बढ़ जाने पर जिस कंपनी से सस्ते में कच्चा तेल तय किया था वहां से सस्ता माल नहीं मिल रहा है। इसे तकनीकी खामी बताया जा रहा है।