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बांकेबिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा उत्सव कल
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 24 Oct 2015 08:48 PM IST
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नगर के प्रमुख मंदिरों में शरद पूर्णिमा पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियां चल रहीं हैं। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा पर्व 26 को तो कई मंदिरों में 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
शरद पूर्णिमा पर जन-जन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज अपने अधरों पर वंशी को धारण करते हैं क्योंकि महारास में उन्होंने वंशी का विशेष सहयोग लिया था। कृपा विलास में शरद पूर्णिमा महोत्सव 26 अक्तूबर को मनाया जाएगा। राधा वल्लभ और राधा दामोदर मंदिर में शरद पूर्णिमा पर्व 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
शरद पूर्णिमा के बारे में आचार्य मनीष शुक्ला ने बताया कि शरद कालीन पूर्णिमा में ही भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन यमुना तट स्थित वंशीवट पर गोपियों संग महारास किया था। तीनों लोकों को कृतार्थ कर देने वाले महारास को देखने की तीव्र लालसा देवाधिदेव शिव के हृदय में जागी।
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तब इसी महारास की रात की अदï्ïभुत छटा का साक्षात्कार करने के लिए वह गोपीवेश घटा और गोपीश्वर कहलाए। ठाकुरजी को शरद पूर्णिमा के विशेष प्रसाद के रूप में खीर और चंद्रकला अर्पित की जाती है। नगर के कई अन्य आश्रमों और मंदिरों में महारास आयोजन होते हैं।
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शरद पूर्णिमा पर जन-जन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज अपने अधरों पर वंशी को धारण करते हैं क्योंकि महारास में उन्होंने वंशी का विशेष सहयोग लिया था। कृपा विलास में शरद पूर्णिमा महोत्सव 26 अक्तूबर को मनाया जाएगा। राधा वल्लभ और राधा दामोदर मंदिर में शरद पूर्णिमा पर्व 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
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शरद पूर्णिमा के बारे में आचार्य मनीष शुक्ला ने बताया कि शरद कालीन पूर्णिमा में ही भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन यमुना तट स्थित वंशीवट पर गोपियों संग महारास किया था। तीनों लोकों को कृतार्थ कर देने वाले महारास को देखने की तीव्र लालसा देवाधिदेव शिव के हृदय में जागी।
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तब इसी महारास की रात की अदï्ïभुत छटा का साक्षात्कार करने के लिए वह गोपीवेश घटा और गोपीश्वर कहलाए। ठाकुरजी को शरद पूर्णिमा के विशेष प्रसाद के रूप में खीर और चंद्रकला अर्पित की जाती है। नगर के कई अन्य आश्रमों और मंदिरों में महारास आयोजन होते हैं।