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Mathura News: वृंदावन पहुंचे शृंगेरी शारदा पीठ के शंकराचार्य
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शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विधुशेखर महास्वामी ठाकुर राधारमण के दर्शन करते हुए।
- फोटो : mathura
राधारमन मंदिर में किए दर्शन
वृंदावन। कर्नाटक के प्रतिष्ठित शृंगेरी शारदा पीठ के शंकराचार्य जगद्गुरु विधु शेखर भारती तीर्थ महास्वामी अपने धर्म-विजय प्रवास के दौरान सोमवार को धर्मनगरी वृंदावन पहुंचे। आगमन के बाद उन्होंने ठाकुर राधारमन मंदिर में विधिवत दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
शृंगेरी पीठ के 36वें जगद्गुरु आचार्य विधु शेखर भारती तीर्थ महास्वामी अपने उत्तर भारत प्रवास के क्रम में वृंदावन और मथुरा पधारे हैं। सोमवार को उन्होंने सबसे पहले राधाबल्लभ मंदिर में दर्शन किए। उसके बाद चीर घाट पर यमुनाजी का पूजन किया और नौका विहार कर अनुष्ठान संपन्न किया। यमुना पूजन के पश्चात वे सप्त देवालय मार्ग स्थित प्रसिद्ध ठाकुर राधारमन मंदिर पहुंचे।
यहां मंदिर सेवायत आचार्य शरद चंद्र गोस्वामी ने उनका विशेष सत्कार किया तथा ठाकुर राधारमनजी के प्राकट्य और मंदिर की परंपराओं का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया। सेवायतों ने प्रसादी दुपट्टा ओढ़ाकर और प्रसाद भेंटकर शंकराचार्य का स्वागत किया। शंकराचार्य दो दिसंबर को सुबह श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में दर्शन करेंगे तथा पादुका पूजन का अनुष्ठान संपन्न होगा। रात्रि 8 बजे वे चंद्रमोलेश्वर में पूजा करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के सम्मिलित होने की संभावना है।
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वृंदावन। कर्नाटक के प्रतिष्ठित शृंगेरी शारदा पीठ के शंकराचार्य जगद्गुरु विधु शेखर भारती तीर्थ महास्वामी अपने धर्म-विजय प्रवास के दौरान सोमवार को धर्मनगरी वृंदावन पहुंचे। आगमन के बाद उन्होंने ठाकुर राधारमन मंदिर में विधिवत दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
शृंगेरी पीठ के 36वें जगद्गुरु आचार्य विधु शेखर भारती तीर्थ महास्वामी अपने उत्तर भारत प्रवास के क्रम में वृंदावन और मथुरा पधारे हैं। सोमवार को उन्होंने सबसे पहले राधाबल्लभ मंदिर में दर्शन किए। उसके बाद चीर घाट पर यमुनाजी का पूजन किया और नौका विहार कर अनुष्ठान संपन्न किया। यमुना पूजन के पश्चात वे सप्त देवालय मार्ग स्थित प्रसिद्ध ठाकुर राधारमन मंदिर पहुंचे।
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यहां मंदिर सेवायत आचार्य शरद चंद्र गोस्वामी ने उनका विशेष सत्कार किया तथा ठाकुर राधारमनजी के प्राकट्य और मंदिर की परंपराओं का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया। सेवायतों ने प्रसादी दुपट्टा ओढ़ाकर और प्रसाद भेंटकर शंकराचार्य का स्वागत किया। शंकराचार्य दो दिसंबर को सुबह श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में दर्शन करेंगे तथा पादुका पूजन का अनुष्ठान संपन्न होगा। रात्रि 8 बजे वे चंद्रमोलेश्वर में पूजा करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के सम्मिलित होने की संभावना है।
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