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Mathura News: पिता पुत्र समेत सात दोषियों को 10-10 साल की सजा
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मथुरा। हाईवे थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में दर्ज हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक (द्वितीय) सुशील कुमार पंचम ने बृहस्पतिवार को पिता-पुत्र समेत सात दोषियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
हाईवे थाना क्षेत्र के गांव अड़ूकी निवासी रामप्रकाश ने 13 मई 2018 को हाइवे थाने में आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 12 मई की शाम चार बजे के करीब उनके पिता रामगोपाल, मां किरन देवी, पत्नी रामलता व छोटे भाई दिलीप की पत्नी चंदा घर के बाहर गली में खड़े थे। तभी गांव के ही रहने वाले किशोरी, अपने पुत्र जीतू, कपिल, संजय, साथी सुनील, नरेंद्र और अवधेश वहां आए और गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी ने लाठी, डंडा, फरसा और सरिया से हमला बोल दिया। हमले में उनके पिता, मां, पत्नी और भाई की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस सभी को लेकर अस्पताल पहुंची।
यहां पिता रामगोपाल की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने सातों हमलावरों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक द्वितीय कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष साबित करने की काफी कोशिश की, लेकिन जिला अपर शासकीय अधिवक्ता दलील, साक्ष्य, गवाह, घायलों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने सभी को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
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हाईवे थाना क्षेत्र के गांव अड़ूकी निवासी रामप्रकाश ने 13 मई 2018 को हाइवे थाने में आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 12 मई की शाम चार बजे के करीब उनके पिता रामगोपाल, मां किरन देवी, पत्नी रामलता व छोटे भाई दिलीप की पत्नी चंदा घर के बाहर गली में खड़े थे। तभी गांव के ही रहने वाले किशोरी, अपने पुत्र जीतू, कपिल, संजय, साथी सुनील, नरेंद्र और अवधेश वहां आए और गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी ने लाठी, डंडा, फरसा और सरिया से हमला बोल दिया। हमले में उनके पिता, मां, पत्नी और भाई की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस सभी को लेकर अस्पताल पहुंची।
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यहां पिता रामगोपाल की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने सातों हमलावरों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक द्वितीय कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष साबित करने की काफी कोशिश की, लेकिन जिला अपर शासकीय अधिवक्ता दलील, साक्ष्य, गवाह, घायलों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने सभी को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
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