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Mathura News: यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों की कतार... इंतजाम लाचार
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मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव में हुए भीषण हादसे के बाद हादसों की रोकथाम के लिए कई टीमों ने अध्ययन के बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी, लेकिन करीब दो माह बाद भी अथॉरिटी ने सुधार के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। सीसीटीवी, कैट आई, रेलिंग लगाने जैसे कई कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। सुरक्षा इंतजाम के नाम पर अथॉरिटी लाचार नजर आती है।
बलदेव में माइल स्टोन 127 पर हुए भीषण हादसे में 19 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद जिला स्तर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति ने विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन और यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी को भेजी थी। इसमें हादसों की रोकथाम के लिए सुझाव दिए गए थे। एक्सप्रेस-वे पर कुछ सुविधाएं तो बढ़ाई गईं मगर वर्ष 2012 के बाद सुरक्षा उपकरणों के उच्चीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया।
शनिवार को हुए हादसे के बाद मंडलायुक्त और डीआईजी ने मांट टोल प्लाजा पर बैठक में भी जांच रिपोर्ट के बिंदुओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। अभी तक एक्सप्रेस-वे पर अवैध कटों को बंद नहीं किया गया है। आसपास के गांवों के पशु अक्सर एक्सप्रेस-वे पर पहुंचकर दुर्घटनाओं का सबब बनते हैं। शासन ने भी मथुरा की जांच कमेटी की सिफारिशों को स्वीकृति देकर एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी सुधारों का काम धीमी गति से चल रहा है। यही कारण है कि शनिवार को एक बार फिर दर्दनाक हादसे में छह लोगों की जान चली गई। एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी हर पांच किलोमीटर पर लगे हैं, जबकि कमेटी ने हर किलोमीटर पर कैमरे लगवाने की सिफारिश की है। एक्सप्रेस-वे पर ढाबों की संख्या नियंत्रित करने का सुझाव भी दिया गया है।
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जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर खामियों को पूरी तरह दूर नहीं किया गया है। कमेटी ने अपनी सिफारिशों को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। इसमें कुछ वक्त लगेगा। फिलहाल सबसे बड़ी समस्या घुमंतू पशु और अवैध कटों के अलावा वाहनों की तेज रफ्तार बनी हुई है।
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बलदेव में माइल स्टोन 127 पर हुए भीषण हादसे में 19 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद जिला स्तर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति ने विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन और यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी को भेजी थी। इसमें हादसों की रोकथाम के लिए सुझाव दिए गए थे। एक्सप्रेस-वे पर कुछ सुविधाएं तो बढ़ाई गईं मगर वर्ष 2012 के बाद सुरक्षा उपकरणों के उच्चीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया।
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शनिवार को हुए हादसे के बाद मंडलायुक्त और डीआईजी ने मांट टोल प्लाजा पर बैठक में भी जांच रिपोर्ट के बिंदुओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। अभी तक एक्सप्रेस-वे पर अवैध कटों को बंद नहीं किया गया है। आसपास के गांवों के पशु अक्सर एक्सप्रेस-वे पर पहुंचकर दुर्घटनाओं का सबब बनते हैं। शासन ने भी मथुरा की जांच कमेटी की सिफारिशों को स्वीकृति देकर एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी सुधारों का काम धीमी गति से चल रहा है। यही कारण है कि शनिवार को एक बार फिर दर्दनाक हादसे में छह लोगों की जान चली गई। एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी हर पांच किलोमीटर पर लगे हैं, जबकि कमेटी ने हर किलोमीटर पर कैमरे लगवाने की सिफारिश की है। एक्सप्रेस-वे पर ढाबों की संख्या नियंत्रित करने का सुझाव भी दिया गया है।
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जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर खामियों को पूरी तरह दूर नहीं किया गया है। कमेटी ने अपनी सिफारिशों को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। इसमें कुछ वक्त लगेगा। फिलहाल सबसे बड़ी समस्या घुमंतू पशु और अवैध कटों के अलावा वाहनों की तेज रफ्तार बनी हुई है।