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शिक्षण संस्थाओं को समाज कल्याण कार्यालय में जमा करने होंगे छात्रवृत्ति फार्म
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मथुरा। करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले से सबक लेते हुए समाज कल्याण विभाग ने सभी लगभग 500 से अधिक शिक्षण संस्थाओं से छात्रवृत्ति आवेदन फार्म की अग्रसरित प्रमाणित छाया प्रति मांगी हैं। अभी तक उनके द्वारा केवल ऑनलाइन आवेदन ही किए जा रहे थे। समाज कल्याण विभाग कार्यालय में कोई प्रति नहीं दी जा रही थी। यही कारण है कि करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के बाद भी समाज कल्याण विभाग के पास कोई रिकॉर्ड तक नहीं है।
जनपद में कक्षा नौ और दसवीं को छोड़े दें तो करीब 500 से अधिक शिक्षण संस्थाएं होंगी जिनके द्वारा अभी तक अनुसूचित जाति, जनजाति सामान्य वर्ग आदि के छात्रों की छात्रवृत्ति ली जा रही थी। उनके द्वारा अभी तक समाज कल्याण विभाग में कोई भी फार्म जमा तक नहीं कराया जा रहा था। केवल सब कुछ ऑनलाइन ही किया जा रहा था। जिससे तमाम कागजातों में जो कमी होती थीं उनको संबंधित अधिकारीगण एक-दूसरे की जिम्मेदारी मानते हुए ऑनलाइन अग्रसरित कर देते थे। जिसके परिणाम स्वरूप जब छात्रवृत्ति घोटाला पकड़ में आया तो पता लगा कि छात्रवृत्ति देने के लिए मूल रूप से जिम्मेदार समाज कल्याण विभाग के पास कोई कागजात तक नहीं है।
इस कमी को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने ऐसी समस्त शिक्षण संस्थाओं पर नकेल कसते हुए वित्तीय वर्ष 2020-2021 में अग्रसरित किए गए आवेदनपत्रों की छाया प्रति प्रमाणित करते हुए कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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जनपद में कक्षा नौ और दसवीं को छोड़े दें तो करीब 500 से अधिक शिक्षण संस्थाएं होंगी जिनके द्वारा अभी तक अनुसूचित जाति, जनजाति सामान्य वर्ग आदि के छात्रों की छात्रवृत्ति ली जा रही थी। उनके द्वारा अभी तक समाज कल्याण विभाग में कोई भी फार्म जमा तक नहीं कराया जा रहा था। केवल सब कुछ ऑनलाइन ही किया जा रहा था। जिससे तमाम कागजातों में जो कमी होती थीं उनको संबंधित अधिकारीगण एक-दूसरे की जिम्मेदारी मानते हुए ऑनलाइन अग्रसरित कर देते थे। जिसके परिणाम स्वरूप जब छात्रवृत्ति घोटाला पकड़ में आया तो पता लगा कि छात्रवृत्ति देने के लिए मूल रूप से जिम्मेदार समाज कल्याण विभाग के पास कोई कागजात तक नहीं है।
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इस कमी को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने ऐसी समस्त शिक्षण संस्थाओं पर नकेल कसते हुए वित्तीय वर्ष 2020-2021 में अग्रसरित किए गए आवेदनपत्रों की छाया प्रति प्रमाणित करते हुए कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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