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Mathura News: उदासीन संप्रदाय के संतों ने वृंदावन जखीरा मेले का किया बहिष्कार
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वृंदावन। गोधूलि पुरम स्थित चेतनधाम उदासीन आश्रम में शनिवार को ब्रजक्षेत्र के उदासीन संप्रदाय के संत-महंतों की एक धर्म सभा हुई।
सभा में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के अंदर उत्पन्न विषम परिस्थितियों के साथ आगामी 2025 के महाकुंभ के आयोजन को लेकर मंथन हुआ और वृंदावन जखीरा मेले का बहिष्कार करते हुए संत पंच परमेश्वर से आग्रह किया कि आगामी महाकुंभ को देखते हुए चारों महंत बैठकर कुंभ के आयोजन का निर्णय लें।
पंचायती अखाड़ा के महंत महेश्वर दास, महंत दुर्गादास, महंत अद्वैतानंद ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में महंत रघुमुनि, महंत सचिन अग्रदास, महंत कोठारी दर्शन दास के विरुद्ध निष्कासन की कार्रवाई को उदासीन संप्रदाय के संविधान के विरुद्ध अवैध व अनुचित होने के कारण सभी संतों ने कड़े शब्दों में निंदा की और निष्कासन की कार्रवाई करने वाले महंतों का बहिष्कार करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
सभा में संतों ने एक स्वर से कहा कि आगामी महाकुंभ के आयोजन के साथ ही संतों के ऊपर की जा रही कार्रवाई को लेकर किए जा रहे एक तरफा निर्णय संत संप्रदाय के विरुद्ध है। सभी को यह समझना होगा कि संविधान चाहे अखाड़े का हो या देश का, उसकी मर्यादा और रक्षा का पालन करना सभी का कर्तव्य है। इस मौके पर स्वामी संतोषानंद, स्वामी हंस मुनि, स्वामी अद्वैतमुनि महाराज, स्वामी राजेश मुनि, महंत रमन मुनि, स्वामी प्रीतम मुनि आदि उपस्थित रहे।
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सभा में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के अंदर उत्पन्न विषम परिस्थितियों के साथ आगामी 2025 के महाकुंभ के आयोजन को लेकर मंथन हुआ और वृंदावन जखीरा मेले का बहिष्कार करते हुए संत पंच परमेश्वर से आग्रह किया कि आगामी महाकुंभ को देखते हुए चारों महंत बैठकर कुंभ के आयोजन का निर्णय लें।
पंचायती अखाड़ा के महंत महेश्वर दास, महंत दुर्गादास, महंत अद्वैतानंद ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में महंत रघुमुनि, महंत सचिन अग्रदास, महंत कोठारी दर्शन दास के विरुद्ध निष्कासन की कार्रवाई को उदासीन संप्रदाय के संविधान के विरुद्ध अवैध व अनुचित होने के कारण सभी संतों ने कड़े शब्दों में निंदा की और निष्कासन की कार्रवाई करने वाले महंतों का बहिष्कार करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
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सभा में संतों ने एक स्वर से कहा कि आगामी महाकुंभ के आयोजन के साथ ही संतों के ऊपर की जा रही कार्रवाई को लेकर किए जा रहे एक तरफा निर्णय संत संप्रदाय के विरुद्ध है। सभी को यह समझना होगा कि संविधान चाहे अखाड़े का हो या देश का, उसकी मर्यादा और रक्षा का पालन करना सभी का कर्तव्य है। इस मौके पर स्वामी संतोषानंद, स्वामी हंस मुनि, स्वामी अद्वैतमुनि महाराज, स्वामी राजेश मुनि, महंत रमन मुनि, स्वामी प्रीतम मुनि आदि उपस्थित रहे।
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