{"_id":"629cc223a2932500a7015617","slug":"rss-celebrated-shakha-sangam-program-mathura-news-mtr5187794180","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएसएस ने मनाया शाखा संगम कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएसएस ने मनाया शाखा संगम कार्यक्रम
विज्ञापन
मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मथुरा महानगर ने जगह-जगह लगने वाली शाखाओं को रविवार को एक ही जगह, एक साथ लगाने का अभिनव प्रयोग किया। इस योजना के लिए मथुरा महानगर के दो भाग किए गए। एक भाग की शाखाओं को संघ कार्यालय मसानी केशव भवन पर तो दूसरे भाग की शाखाओं को बीएसए कॉलेज पर लगाया गया।
सभी शाखाओं के मुख्य शिक्षक एवं शाखा कार्यवाह अपना ध्वज एवं अपने शाखा के स्वयंसेवकों को लेकर अपने निश्चित स्थान पहुंचे। एक ही प्रांगण में इतनी शाखा एवं उनके अलग-अलग ध्वज सभी उपस्थित लोगों का मन मोह रहे थे। शाखा के नियमित आसन-व्यायाम, सूर्य नमस्कार, समता, संचलन अभ्यास के संघ की प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले केंद्रीय मंच सुनकर सामूहिक रूप से दोहराई गई।
पूरे मथुरा महानगर से 54 शाखाओं के 519 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश पहनकर प्रयोग के सहभागी हुए। शारीरिक विभाग के दुर्गा प्रसाद ने बताया कि हर वर्ष ऐसे अनौपचारिक कार्यक्रम होते रहने चाहिए। इन कार्यक्रमों से प्रत्येक शाखा की स्थिति पता लग जाती है कि वहां कैसा काम चल रहा है। कार्यक्रम के बाद हुए बौद्धिक सत्र में मथुरा विभाग के कार्यवाहक छैलबिहारी ने नियमित शाखा के अनुशासन की चर्चा की एवं शाखा के समाज पर प्रभाव का भी विश्लेषण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सभी शाखाओं के मुख्य शिक्षक एवं शाखा कार्यवाह अपना ध्वज एवं अपने शाखा के स्वयंसेवकों को लेकर अपने निश्चित स्थान पहुंचे। एक ही प्रांगण में इतनी शाखा एवं उनके अलग-अलग ध्वज सभी उपस्थित लोगों का मन मोह रहे थे। शाखा के नियमित आसन-व्यायाम, सूर्य नमस्कार, समता, संचलन अभ्यास के संघ की प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले केंद्रीय मंच सुनकर सामूहिक रूप से दोहराई गई।
विज्ञापन
पूरे मथुरा महानगर से 54 शाखाओं के 519 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश पहनकर प्रयोग के सहभागी हुए। शारीरिक विभाग के दुर्गा प्रसाद ने बताया कि हर वर्ष ऐसे अनौपचारिक कार्यक्रम होते रहने चाहिए। इन कार्यक्रमों से प्रत्येक शाखा की स्थिति पता लग जाती है कि वहां कैसा काम चल रहा है। कार्यक्रम के बाद हुए बौद्धिक सत्र में मथुरा विभाग के कार्यवाहक छैलबिहारी ने नियमित शाखा के अनुशासन की चर्चा की एवं शाखा के समाज पर प्रभाव का भी विश्लेषण किया।
विज्ञापन