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कोरोना वायरस : रोडवेज को 30 लाख का नुकसान
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मथुरा। नए बसस्टैंड पर खड़ी बसें और पसरा सन्नाटा।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। कोरोना वायरस का असर रोडवेज पर साफ दिख रहा है। सवारियां न मिलने से मथुरा डिपो को प्रतिदिन तीन लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले 10 दिन में 30 लाख रुपये का नुकसान सहने वाले मथुरा डिपो ने अब सवारियां पर्याप्त होने पर बसें निकालने का निर्णय लिया है।
पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी का दंश झेल रही है। इसका असर मथुरा डिपो पर दिखने लगा है। पिछले 10 दिनों में सवारियां न मिलने के चलते मथुरा डिपो को 30 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। इस नुकसान के चलते रोडवेज ने बसें न निकालने का निर्णय लिया है। पर्याप्त सवारियां बस अड्डे पर मिलने पर बसों को भेजा जाएगा। मथुरा डिपो के एआरएम विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि पिछले 10 दिनों में 30 लाख रुपये का घाटा हुआ है। यह घाटा तीन लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से निकाला गया है। केवल अब बसें तभी निकाली जाएंगी जब बस अड्डे पर पर्याप्त सवारियां होंगी।
जयपुर-दिल्ली रूट पर पांच-पांच बसें की कम
मथुरा डिपो की जयपुर 14 और दिल्ली 16 बसें चलती हैं। इन मार्गों पर सवारियां न मिलने के चलते पांच-पांच बसें कम कर दी गई हैं। अब केवल सवारियों को देखते हुए जयपुर नौ और दिल्ली 11 बसें चलाई जा रही हैं।
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मथुरा डिपो के बेड़े में खड़ी हैं 20 बसें
मथुरा डिपो के बेड़े में 20 बसें खड़ी हुई हैं। यह बसें नहीं निकाली जा रही हैं। हो सकता है यह बसें फिलहाल न निकालने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे केवल सवारियों की कमी बताई जा रही है।
नहीं आई पंजाब और हरियाणा रोडवेज की बसें
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के चलते देश बंद रहेगा। उससे एक दिन पहले शनिवार को पंजाब और हरियाणा रोडवेज की बसें मथुरा नहीं आईं। यह केवल कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते हुआ है। अंतरराज्यीय नए बस अड्डे पर पर्याप्त सवारियां होने के कारण शनिवार को तीन बसें हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल के लिए रवाना की गईं।
जनता कर्फ्यू में बसें संचालन न करने को कोई आदेश नहीं
जनता कर्फ्यू में बसों को संचालन न करने का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। फिलहाल सवारियां ही नहीं मिल रही तो बसें कहां से निकलेंगी। फिर भी पर्याप्त सवारियों को देखते हुए बसें निकाली जाएंगी।
- विनोद कुमार शुक्ला, एआरएम मथुरा डिपो
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पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी का दंश झेल रही है। इसका असर मथुरा डिपो पर दिखने लगा है। पिछले 10 दिनों में सवारियां न मिलने के चलते मथुरा डिपो को 30 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। इस नुकसान के चलते रोडवेज ने बसें न निकालने का निर्णय लिया है। पर्याप्त सवारियां बस अड्डे पर मिलने पर बसों को भेजा जाएगा। मथुरा डिपो के एआरएम विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि पिछले 10 दिनों में 30 लाख रुपये का घाटा हुआ है। यह घाटा तीन लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से निकाला गया है। केवल अब बसें तभी निकाली जाएंगी जब बस अड्डे पर पर्याप्त सवारियां होंगी।
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जयपुर-दिल्ली रूट पर पांच-पांच बसें की कम
मथुरा डिपो की जयपुर 14 और दिल्ली 16 बसें चलती हैं। इन मार्गों पर सवारियां न मिलने के चलते पांच-पांच बसें कम कर दी गई हैं। अब केवल सवारियों को देखते हुए जयपुर नौ और दिल्ली 11 बसें चलाई जा रही हैं।
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मथुरा डिपो के बेड़े में खड़ी हैं 20 बसें
मथुरा डिपो के बेड़े में 20 बसें खड़ी हुई हैं। यह बसें नहीं निकाली जा रही हैं। हो सकता है यह बसें फिलहाल न निकालने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे केवल सवारियों की कमी बताई जा रही है।
नहीं आई पंजाब और हरियाणा रोडवेज की बसें
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के चलते देश बंद रहेगा। उससे एक दिन पहले शनिवार को पंजाब और हरियाणा रोडवेज की बसें मथुरा नहीं आईं। यह केवल कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते हुआ है। अंतरराज्यीय नए बस अड्डे पर पर्याप्त सवारियां होने के कारण शनिवार को तीन बसें हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल के लिए रवाना की गईं।
जनता कर्फ्यू में बसें संचालन न करने को कोई आदेश नहीं
जनता कर्फ्यू में बसों को संचालन न करने का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। फिलहाल सवारियां ही नहीं मिल रही तो बसें कहां से निकलेंगी। फिर भी पर्याप्त सवारियों को देखते हुए बसें निकाली जाएंगी।
- विनोद कुमार शुक्ला, एआरएम मथुरा डिपो