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ठाकुर राधिकावल्लभ लाल ने किया नौका विहार
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Mon, 23 Mar 2015 12:26 AM IST
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रस भारती संस्थान के तत्वावधान में जुगल घाट स्थित यमुना पुलिन तट पर बनाए गए श्रीहित हरिवंश महाप्रभु नगर में संत किशोरीशरण ‘अलि’ महाराज का जन्म शताब्दी समारोह जारी है।
रविवार को अष्टयाम सेवा के क्रम में सुबह 6 बजे स्नान, शृंगार दर्शन के अंतर्गत ठाकुर राधिकावल्लभ लाल को यमुना जल से स्नान कराया। इसके बाद ठाकुरजी को नौका विहार और जल विहार कराया गया। इसके बाद रसिक संत-महंत और वैष्णवजनों ने अलि महाराज द्वारा रचित रचनाओं का सस्वर गायन किया।
श्रीहित धर्म प्रचारक और प्रवक्ता श्रीहित अंबरीश महाराज ने गोस्वामी श्रीहित हरिवंशोदित रस भक्ति धारा पर प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि श्रीहित हरिवंश द्वारा रचित पदावलियां ईश्वर को पाने का एकमात्र आधार हैं। इस अवसर पर श्रीहित कमलदास, महंत लाड़िलीशरण, श्रीहित जसअलिशरण, महंत हितशरण, महंत गोवर्धन दास, गोपाल सुल्तानियां आदि उपस्थित रहे।
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रविवार को अष्टयाम सेवा के क्रम में सुबह 6 बजे स्नान, शृंगार दर्शन के अंतर्गत ठाकुर राधिकावल्लभ लाल को यमुना जल से स्नान कराया। इसके बाद ठाकुरजी को नौका विहार और जल विहार कराया गया। इसके बाद रसिक संत-महंत और वैष्णवजनों ने अलि महाराज द्वारा रचित रचनाओं का सस्वर गायन किया।
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श्रीहित धर्म प्रचारक और प्रवक्ता श्रीहित अंबरीश महाराज ने गोस्वामी श्रीहित हरिवंशोदित रस भक्ति धारा पर प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि श्रीहित हरिवंश द्वारा रचित पदावलियां ईश्वर को पाने का एकमात्र आधार हैं। इस अवसर पर श्रीहित कमलदास, महंत लाड़िलीशरण, श्रीहित जसअलिशरण, महंत हितशरण, महंत गोवर्धन दास, गोपाल सुल्तानियां आदि उपस्थित रहे।
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