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Mathura News: घरेलू से व्यावसायिक सिलिंडर में कर रहे थे गैस की रीफिलिंग
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मथुरा। पूर्ति विभाग की टीम ने सोमवार को बलदेव की गांव पंचायत दौलतपुर में एक अवैध गोदाम पर छापा मारा। टीम ने मौके से 19 घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलिंडर जब्त किए हैं।
अधिकारियों को सूचना मिली कि एक मकान में गैस सिलिंडरों का अवैध रूप से भंडारण और रीफिलिंग का कारोबार किया जा रहा है। टीम ने मौके पर जांच की तो वहां 19 सिलिंडर रखे मिले। इसमें एचपीसीएल और इंडियन गैस के 10 घरेलू और 9 व्यावसायिक सिलिंडर शामिल थे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संचालक जगमोहन से सिलिंडरों से संबंधित दस्तावेज मांगे पर वह नहीं दिखा पाए। टीम ने कब्जे में लिए सिलिंडरों को नजदीकी गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिया है। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में तहरीर दी गई है।
मोटा मुनाफा कमाता था संचालक
गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलिंडर 951 रुपये में मिलता है। अवैध गोदाम संचालक 300 से 350 रुपये तक का मुनाफा देकर हॉकरों से प्रति सिलिंडर 1200 रुपये से अधिक में खरीद लेते हैं। इसी तरह व्यावसायिक सिलिंडर भी जमा किए जाते हैं। इसके बाद घरेलू सिलिंडरों से गैस निकालकर व्यावसायिक सिलिंडरों में रिफिलिंग की जाती है। इस तरह एक व्यावसायिक सिलिंडर 1600 से 1700 रुपये में तैयार हो जाता है। इन्हे हॉकरों के माध्यम से बाजार में 2700 से 2800 रुपये में बेचा जाता है, जबकि गैस एजेंसियों पर एक व्यावसायिक सिलिंडर 3100 रुपये में मिल रहा है। ऐसे में 1700 से 2800 रुपये गोदाम संचालक को एक सिलिंडर पर मिलते हैं।
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पानीगांव व जाबरा में भी पकड़े गए थे सिलिंडर
18 अगस्त को पूर्ति विभाग की टीम ने मांट के जाबरा व नगला मथा में 103 गैस सिलिंडरों को जब्त किया था। इससे पहले पानीगांव स्थित अवैध गोदाम से भी 260 सिलिंडरों की जमाखोरी पकड़ी गई थी।
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अधिकारियों को सूचना मिली कि एक मकान में गैस सिलिंडरों का अवैध रूप से भंडारण और रीफिलिंग का कारोबार किया जा रहा है। टीम ने मौके पर जांच की तो वहां 19 सिलिंडर रखे मिले। इसमें एचपीसीएल और इंडियन गैस के 10 घरेलू और 9 व्यावसायिक सिलिंडर शामिल थे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संचालक जगमोहन से सिलिंडरों से संबंधित दस्तावेज मांगे पर वह नहीं दिखा पाए। टीम ने कब्जे में लिए सिलिंडरों को नजदीकी गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिया है। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में तहरीर दी गई है।
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मोटा मुनाफा कमाता था संचालक
गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलिंडर 951 रुपये में मिलता है। अवैध गोदाम संचालक 300 से 350 रुपये तक का मुनाफा देकर हॉकरों से प्रति सिलिंडर 1200 रुपये से अधिक में खरीद लेते हैं। इसी तरह व्यावसायिक सिलिंडर भी जमा किए जाते हैं। इसके बाद घरेलू सिलिंडरों से गैस निकालकर व्यावसायिक सिलिंडरों में रिफिलिंग की जाती है। इस तरह एक व्यावसायिक सिलिंडर 1600 से 1700 रुपये में तैयार हो जाता है। इन्हे हॉकरों के माध्यम से बाजार में 2700 से 2800 रुपये में बेचा जाता है, जबकि गैस एजेंसियों पर एक व्यावसायिक सिलिंडर 3100 रुपये में मिल रहा है। ऐसे में 1700 से 2800 रुपये गोदाम संचालक को एक सिलिंडर पर मिलते हैं।
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पानीगांव व जाबरा में भी पकड़े गए थे सिलिंडर
18 अगस्त को पूर्ति विभाग की टीम ने मांट के जाबरा व नगला मथा में 103 गैस सिलिंडरों को जब्त किया था। इससे पहले पानीगांव स्थित अवैध गोदाम से भी 260 सिलिंडरों की जमाखोरी पकड़ी गई थी।