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Mathura News: कृष्णा नगर के 200 घरों पर लगे लाल निशान, चिपकाए नोटिस
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मथुरा। सिंचाई विभाग ने शहर के पॉश इलाके कृष्णा नगर के संजय नगर में अवैध कब्जा धारकों को नोटिस थमाए हैं। संजय नगर में लगभग दो सौ मकान मालिकों को घरों पर लाल निशान के साथ सोमवार को उनके घरों पर नोटिस चिपका दिए हैं। इसमें भवन स्वामियों को सात दिनों में अवैध कब्जा खुद हटाने के निर्देश भी दिए हैं।
शहर क्षेत्र में 35-40 वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग की ड्रेनेज भूमि पर जबरन कब्जा कर लोगों ने दो से तीन मंजिला घर बना लिए हैं। सिंचाई विभाग ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इन अवैध कब्जों को मुक्त कराने के लिए लगभग 200 भवन स्वामियों के घर नोटिस चिपका दिए हैं। नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया गया, तो 24 जनवरी को पुलिस बल की मदद से बलपूर्वक कब्जा हटाया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान होने वाला पूरा खर्च भी संबंधित कब्जा धारकों से ही वसूला जाएगा। स्थानीय लोगों की मानें तो वर्ष 2013 में भी इसी प्रकार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन इस बार सिंचाई विभाग ने एनजीटी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत कार्यवाही की है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रेनेज भूमि पर अतिक्रमण के चलते जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो रही है। इससे आसपास के रिहायशी इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है।
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सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह ठीक किया जाएगा। ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्याएं न हों। अवैध कब्जा कर बनाए गए भवनों की संख्या 300 से 400 के बीच है। अतिक्रमणकारियों को स्वयं ही तय समय सीमा में कब्जा मुक्त करने होंगे।
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नगेंद्र सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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शहर क्षेत्र में 35-40 वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग की ड्रेनेज भूमि पर जबरन कब्जा कर लोगों ने दो से तीन मंजिला घर बना लिए हैं। सिंचाई विभाग ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इन अवैध कब्जों को मुक्त कराने के लिए लगभग 200 भवन स्वामियों के घर नोटिस चिपका दिए हैं। नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया गया, तो 24 जनवरी को पुलिस बल की मदद से बलपूर्वक कब्जा हटाया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान होने वाला पूरा खर्च भी संबंधित कब्जा धारकों से ही वसूला जाएगा। स्थानीय लोगों की मानें तो वर्ष 2013 में भी इसी प्रकार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन इस बार सिंचाई विभाग ने एनजीटी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत कार्यवाही की है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रेनेज भूमि पर अतिक्रमण के चलते जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो रही है। इससे आसपास के रिहायशी इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है।
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सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह ठीक किया जाएगा। ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्याएं न हों। अवैध कब्जा कर बनाए गए भवनों की संख्या 300 से 400 के बीच है। अतिक्रमणकारियों को स्वयं ही तय समय सीमा में कब्जा मुक्त करने होंगे।
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नगेंद्र सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग