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मथुरा के राशन धारकों को मिल रहा पंजाब का अनाज
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मथुरा। इस दफा जनपद के राशन उपभोक्ताओं को पंजाब के गेहूं का स्वाद मिलेगा। मथुरा मेें अनाज का भंडारण खत्म होने पर राशन डीलरों के लिए गेहूं कम पड़ गया है। इसके चलते सरकारी भंडारण खाली हो गए हैं। इन सरकारी भंडारघरों को भरने के लिए प्रशासन पंजाब से गेहूं ले रहा है।
दरअसल, सरकार के समर्थन मूल्य से कहीं अधिक किसान के गेहूं को बड़े उद्योगपतियों ने खरीद लिया। इस कारण सरकार के भंडारगृह में गेहूं नहीं आ सका। इधर सरकार की ओर से की गई प्लानिंग इस प्रकार की चला रखी है जिसमेें उसे घर-घर जाकर या फिर राशन डीलरोें के माध्यम से गेहूं देना होगा। इन योजनाओं के लिए इस दफा सरकारी भंडार घराें में गेहूं नहीं है। इसी के चलते पंजाब से गेहूं खरीदा गया है।
अनुपात कम होने से कम हुई डिमांड
इस दफा गेहूं की खरीद को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राशन मेें दिए जा रहे गेहूं और चावल के अनुपात को बदल दिया है। गेहूं का कम तथा चावल अधिक कर दिया है। वास्तव में राशन धारकों को तीन अनुपात दो में गेहूं चावल दिए जा रहे थे। इस बार सरकार ने दो अनुपात तीन कर दिया है। जिससे गेेहूं की डिमांड कम हो गई है।
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इस बार गेहूं की खरीद न हो पाने के कारण गेहूं की जरूरत थी। यह गेहूं पंजाब से आ रहा है। जिसे हम वितरण करवा रहे हैं।
संतोष यादव, डिप्टी आरएमओ
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दरअसल, सरकार के समर्थन मूल्य से कहीं अधिक किसान के गेहूं को बड़े उद्योगपतियों ने खरीद लिया। इस कारण सरकार के भंडारगृह में गेहूं नहीं आ सका। इधर सरकार की ओर से की गई प्लानिंग इस प्रकार की चला रखी है जिसमेें उसे घर-घर जाकर या फिर राशन डीलरोें के माध्यम से गेहूं देना होगा। इन योजनाओं के लिए इस दफा सरकारी भंडार घराें में गेहूं नहीं है। इसी के चलते पंजाब से गेहूं खरीदा गया है।
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अनुपात कम होने से कम हुई डिमांड
इस दफा गेहूं की खरीद को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राशन मेें दिए जा रहे गेहूं और चावल के अनुपात को बदल दिया है। गेहूं का कम तथा चावल अधिक कर दिया है। वास्तव में राशन धारकों को तीन अनुपात दो में गेहूं चावल दिए जा रहे थे। इस बार सरकार ने दो अनुपात तीन कर दिया है। जिससे गेेहूं की डिमांड कम हो गई है।
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इस बार गेहूं की खरीद न हो पाने के कारण गेहूं की जरूरत थी। यह गेहूं पंजाब से आ रहा है। जिसे हम वितरण करवा रहे हैं।
संतोष यादव, डिप्टी आरएमओ