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सुबह 6 और 7 बजे के मध्य की गई रसीदा की हत्या
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महावन (मथुरा)। सुबह ७:३० बजे भतीजे ने जमीन पर पड़े चाचा को देखा तो सांसें चल रही थीं। इसी आस के चलते पहले जिला अस्पताल ले गए। यहां हालत चिंताजनक बताए जाने के कारण गोवर्धन चौराहे पर सिटी हॉस्पिटल ले गए। महावन से जिला अस्पताल और सिटी हॉस्पिटल तक पहुंचने में करीब एक से डेढ़ घंटे लगे गए होंगे। सिटी हॉस्पिटल में किसान को मृत घोषित कर दिया गया। इससे यह साफ है कि हत्या रविवार की सुबह छह से नौ बजे के बीच की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सुबह छह से नौ बजे के बीच मौत होना पाया गया है। सिर की हड्डी टूटने से फ्रैक्चर भी हुआ। किसी भारी वस्तु से प्रहार होना भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया है। शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले। ज्यादा खून भी नहीं बहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के अस्पताल ले जाने तक जिंदा होना इस तरफ साफ इशारा करता है कि हत्या सुबह ही की गई। घर से ३०० मीटर दूर खेत पर चरी की रखवाली के लिए किसान गया था। उसके बाद घर वापस नहीं लौटा।
मुकदमा दर्ज होने पर रंजिश में हत्या होना बताया जा रहा है। रंजिश किस बात की यह स्पष्ट तहरीर में नहीं किया गया है। इतना जरूर है कि गांव के तीन को नामजद कराया गया है। इनमें सगे भाई और एक बेटे पर हत्या का आरोप है।
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परिवार में मचा कोहराम
मृतक किसान रसीदा की हत्या के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी गुड्डी और एक बेटा, दो बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे बड़ी बेटी शबनम है, जिसका विवाह हो गया है। उससे छोटा बेटा असलम है, जबकि उससे छोटी १४ साल की बेटी मुस्कान है। हत्या के बाद पिता का साया उठने से बच्चों का का हाल बेहाल हो गया है। केवल एक बीघा जमीन को जोतने वाला मृतक आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था। परिवार के लोग हत्यारोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।
वीडियोग्राफी के मध्य पैनल से हुआ पोस्टमार्टम
किसान रसीदा के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि जल्द ही हत्या का खुलासा किया जाएगा।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सुबह छह से नौ बजे के बीच मौत होना पाया गया है। सिर की हड्डी टूटने से फ्रैक्चर भी हुआ। किसी भारी वस्तु से प्रहार होना भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया है। शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले। ज्यादा खून भी नहीं बहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के अस्पताल ले जाने तक जिंदा होना इस तरफ साफ इशारा करता है कि हत्या सुबह ही की गई। घर से ३०० मीटर दूर खेत पर चरी की रखवाली के लिए किसान गया था। उसके बाद घर वापस नहीं लौटा।
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मुकदमा दर्ज होने पर रंजिश में हत्या होना बताया जा रहा है। रंजिश किस बात की यह स्पष्ट तहरीर में नहीं किया गया है। इतना जरूर है कि गांव के तीन को नामजद कराया गया है। इनमें सगे भाई और एक बेटे पर हत्या का आरोप है।
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परिवार में मचा कोहराम
मृतक किसान रसीदा की हत्या के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी गुड्डी और एक बेटा, दो बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे बड़ी बेटी शबनम है, जिसका विवाह हो गया है। उससे छोटा बेटा असलम है, जबकि उससे छोटी १४ साल की बेटी मुस्कान है। हत्या के बाद पिता का साया उठने से बच्चों का का हाल बेहाल हो गया है। केवल एक बीघा जमीन को जोतने वाला मृतक आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था। परिवार के लोग हत्यारोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।
वीडियोग्राफी के मध्य पैनल से हुआ पोस्टमार्टम
किसान रसीदा के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि जल्द ही हत्या का खुलासा किया जाएगा।