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श्वेत वस्त्र धारण कर भक्तों के संग होली खेलेंगे श्रीबांकेबिहारी
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वृंदावन (मथुरा)। रंगभरनी एकादशी को श्रीबांकेबिहारी श्वेत वस्त्र धारण कर भक्तों के साथ होली खेलेंगे। इस दिन ठाकुर जी खुद टेसू के रंग में सराबोर होंगे और भक्तों को भी इसी रंग में रंगेंगे। यह दौर होलिका दहन तक चलेगा।
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी रंगभरनी एकादशी को भक्तों के साथ होली खेलेंगे। इस दिन मंदिर प्रांगण में जमकर होली होगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। गुलाल ही नहीं चांदी की पिचकारी से रंग बरसेगा। श्रीबांकेबिहारी जी के लिए श्वेत रंग की पोशाक तैयार हो रही है, जिसे रंगभरनी एकादशी को धारण कर होली खेली जाएगी। इसके साथ लगातार पांच दिन ठाकुर जी नित नई श्वेत पोशाक धारण कर मंदिर में होली खेलेंगे।
सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर में रंगों की होली का दौर रंगभरनी एकादशी से शुरू होकर लगातार पांच दिन तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन श्रीबांकेबिहारी रंगों की होली भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
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हालांकि मंदिर प्रांगण में होली का आयोजन तो दुल्हंडी के दिन भी होता है, लेकिन इस दिन रंग की होली नहीं खेली जाएगी। ठाकुर जी श्वेत वस्त्र की जगह गुलाबी पोशाक धारण करते हैं।
दुल्हंडी पर स्वर्ण सिंहासन पर विराजेंगे ठाकुर जी महाराज
सेवायत विभु गोस्वामी ने बताया कि दुल्हंडी के दिन ठाकुर जी स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान होते हैं। यह सिंहासन जगमोहन में लगाया जाता है। इस दौरान भक्तों पर इत्र और गुलाब जल छिड़का जाता है। गुलाल और रंग का उपयोग मंदिर में इस दिन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहता है।
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ठाकुर श्रीबांकेबिहारी रंगभरनी एकादशी को भक्तों के साथ होली खेलेंगे। इस दिन मंदिर प्रांगण में जमकर होली होगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। गुलाल ही नहीं चांदी की पिचकारी से रंग बरसेगा। श्रीबांकेबिहारी जी के लिए श्वेत रंग की पोशाक तैयार हो रही है, जिसे रंगभरनी एकादशी को धारण कर होली खेली जाएगी। इसके साथ लगातार पांच दिन ठाकुर जी नित नई श्वेत पोशाक धारण कर मंदिर में होली खेलेंगे।
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सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर में रंगों की होली का दौर रंगभरनी एकादशी से शुरू होकर लगातार पांच दिन तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन श्रीबांकेबिहारी रंगों की होली भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
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हालांकि मंदिर प्रांगण में होली का आयोजन तो दुल्हंडी के दिन भी होता है, लेकिन इस दिन रंग की होली नहीं खेली जाएगी। ठाकुर जी श्वेत वस्त्र की जगह गुलाबी पोशाक धारण करते हैं।
दुल्हंडी पर स्वर्ण सिंहासन पर विराजेंगे ठाकुर जी महाराज
सेवायत विभु गोस्वामी ने बताया कि दुल्हंडी के दिन ठाकुर जी स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान होते हैं। यह सिंहासन जगमोहन में लगाया जाता है। इस दौरान भक्तों पर इत्र और गुलाब जल छिड़का जाता है। गुलाल और रंग का उपयोग मंदिर में इस दिन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहता है।