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‘राजा महेंद्र प्रताप ने की प्रेम-धर्म की स्थापना’
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 01 Dec 2015 07:14 PM IST
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केशी घाट स्थति प्रेम महाविद्यालय में मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा महेंद्र प्रताप की 129वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। अनुयायियों ने राजा साहब की समाधि पर हवन-यज्ञ के साथ पुष्पाजंलि अर्पित कर राष्ट्र सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह में भगवान दास चौधरी और मधुमंगल शुक्ला ने कहा कि वृंदावन के तीनों प्रवेश मार्ग पर राजा महेंद्र प्रताप की स्मृति में प्रवेश द्वार बनने चाहिए। अरुण कुमार सिंह ने कहा कि राजा साहब ने प्रेम-धर्म की स्थापना की।
डा. शिव आधार सिंह ने कहा कि राजा साहब का आदर्श था त्याग, क्षमा और अहिंसापूर्ण जीवन जी कर समाज को नई दिशा देना। अजय कुमार मौर्य ने राजा महेंद्र प्रताप को कर्मशील व्यक्तित्व का धनी बताया।
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इससे पहले प्रेम महाविद्यालय एसोसिएशन के मंत्री विनोद कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष देवेंद्र पाल चौधरी, पूर्व जिला जज प्रताप सिंह चौधरी और प्रधानाचार्य डा. देव प्रकाश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संत आनंद स्वरूप बाबा, अवधराज यादव, सुनील कुमार वर्मा, सुरेश चंद्र लवानियां, रामबाबू, मुकेश आदि उपस्थित थे।
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समारोह में भगवान दास चौधरी और मधुमंगल शुक्ला ने कहा कि वृंदावन के तीनों प्रवेश मार्ग पर राजा महेंद्र प्रताप की स्मृति में प्रवेश द्वार बनने चाहिए। अरुण कुमार सिंह ने कहा कि राजा साहब ने प्रेम-धर्म की स्थापना की।
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डा. शिव आधार सिंह ने कहा कि राजा साहब का आदर्श था त्याग, क्षमा और अहिंसापूर्ण जीवन जी कर समाज को नई दिशा देना। अजय कुमार मौर्य ने राजा महेंद्र प्रताप को कर्मशील व्यक्तित्व का धनी बताया।
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इससे पहले प्रेम महाविद्यालय एसोसिएशन के मंत्री विनोद कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष देवेंद्र पाल चौधरी, पूर्व जिला जज प्रताप सिंह चौधरी और प्रधानाचार्य डा. देव प्रकाश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संत आनंद स्वरूप बाबा, अवधराज यादव, सुनील कुमार वर्मा, सुरेश चंद्र लवानियां, रामबाबू, मुकेश आदि उपस्थित थे।