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Mathura News: बारिश ने बढ़ाई सब्जी और दाल की खेती करने वाले किसानों की मुश्किल
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मथुरा। जिले में लगातार हो रही बारिश ने दाल और सब्जी की फसल लगाने वाले किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेत में जलभराव होने से फसलों के खराब होने की संभावना है।
जनपद में करीब 300 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में किसानों ने मूंग की दाल की खेती की है। फसल खेत में खड़ी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर परेशानी ला दी है। अगर बारिश नहीं थमी तो फसल में नुकसान होने का खतरा बढ़ जाएगा। फसल को बचाने के लिए बारिश का थमना और धूप का निकलना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही बारिश से सब्जी की फसल को नुकसान हो सकता है। बारिश ने सब्जी की फसल लगाने वाले किसानों को भी परेशान कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी अश्वनी सिंह ने बताया कि बारिश से सब्जी और दलहन की फसलों को नुकसान हो सकता है। धान और बाजरा की फसल को बारिश से किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
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बारिश से लेट हो सकती है आलू और सरसों की बुवाई
सितंबर माह के आखिरी सप्ताह से जनपद में सरसों और अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से आलू की बुवाई शुरू हो जाएगी। जनपद में 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों, जबकि 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बुवाई की जानी है। बारिश की मौजूदा स्थिति को देखकर आलू और सरसों की बुवाई लेट होने की संभावना बन गई है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष आलू की खेती करने वाले किसान 1 बीघा की फसल में 50 किलो से ज्यादा डीएपी का प्रयोग न करें। उर्वरकों की अधिक कीमत लिए जाने पर इसकी शिकायत विभागीय नंबर 8077933658 पर कॉल करके करें। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ निश्चित कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद में करीब 300 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में किसानों ने मूंग की दाल की खेती की है। फसल खेत में खड़ी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर परेशानी ला दी है। अगर बारिश नहीं थमी तो फसल में नुकसान होने का खतरा बढ़ जाएगा। फसल को बचाने के लिए बारिश का थमना और धूप का निकलना बेहद जरूरी है।
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इसके साथ ही बारिश से सब्जी की फसल को नुकसान हो सकता है। बारिश ने सब्जी की फसल लगाने वाले किसानों को भी परेशान कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी अश्वनी सिंह ने बताया कि बारिश से सब्जी और दलहन की फसलों को नुकसान हो सकता है। धान और बाजरा की फसल को बारिश से किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
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बारिश से लेट हो सकती है आलू और सरसों की बुवाई
सितंबर माह के आखिरी सप्ताह से जनपद में सरसों और अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से आलू की बुवाई शुरू हो जाएगी। जनपद में 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों, जबकि 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बुवाई की जानी है। बारिश की मौजूदा स्थिति को देखकर आलू और सरसों की बुवाई लेट होने की संभावना बन गई है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष आलू की खेती करने वाले किसान 1 बीघा की फसल में 50 किलो से ज्यादा डीएपी का प्रयोग न करें। उर्वरकों की अधिक कीमत लिए जाने पर इसकी शिकायत विभागीय नंबर 8077933658 पर कॉल करके करें। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ निश्चित कार्रवाई की जाएगी।