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UP: बारिश और घरवालों की मजबूरी, अंतिम संस्कार के लिए लगानी पड़ी तिरपाल; मथुरा के इस गांव का हाल तो देखिए

Wed, 02 Jul 2025 12:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 02 Jul 2025 12:11 PM IST
सार

मथुरा के फरह के गांव पींगरी में श्मशान घाट न होने से परिजनों के सामने इसके अलावा कोई चारा नहीं था। ग्राम प्रधान बोले- कई बार अधिकारियों से कहा गया है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
 

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rain and helplessness of family tarpaulin had to be used for the last rites village in Mathura
अंतिम संस्कार के लिए लगानी पड़ी तिरपाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गांवों में श्मशान स्थल बनवाने के लिए सरकार जहां गंभीर है तो वहीं मथुरा के एक गांव में बारिश के बीच तिरपाल तानकर महिला का अंतिम संस्कार करना पड़ा। गांव में श्मशान स्थल नहीं है। ग्रामीणों के सामने इस तरह से अंतिम संस्कार करने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया था। जबकि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जहां श्मशान स्थलों को अतिक्रमण मुक्त और चहारदीवारी करने के आदेश दे रहे हैं, वहीं अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।
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फरह थाना क्षेत्र के गांव पींगरी निवासी अनिल की पत्नी भूरी देवी (22) कई साल से कैंसर से पीड़ित थीं। मंगलवार सुबह उनकी माैत हो गई। तेज बारिश होने के कारण परिजनों को अंतिम संस्कार में परेशानी हुई। काफी इंतजार करने के बाद भी जब बारिश नहीं रुकी तो खेत में तिरपाल तानकर शव का अंतिम संस्कार किया।

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ग्राम प्रधान थान सिंह ने बताया कि तत्कालीन डीपीआरओ किरन चौधरी एवं बीडीओ सहित कई अधिकारियों को गांव में श्मशान घाट बनाने के लिए पत्र लिखे, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। श्मशान स्थल न होने के कारण बारिश के दिनों में ग्रामीणों को शव का अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानी होती है। खुले आसमान के नीचे खेत में ही शव का अंतिम संस्कार करना पड़ता है।

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डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि 495 ग्राम पंचायतों में से 90 ग्राम पंचायतों में श्मशान स्थल आवंटित किए गए हैं। जहां जरूरत होगी वहां का प्रस्ताव भेजकर श्मशान स्थल बनवाया जाएगा। गांव पींगरी के प्रधान से प्रस्ताव लेकर गांव में श्मशान स्थल बनवाया जाएगा।
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