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अधिकारियों की उदासीनता ने थामे रेलबस के पहिए
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 07 Jan 2016 08:39 PM IST
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बीते कई महीनों से बंद पड़ी रेलबस सेवा को मथुरा-वृंदावन के बीच दोबारा शुरू कराने की मांग करने वालों की तादात बढ़ती जा रही है। संत, छात्र, कथाव्यास, तीर्थपुरोहित, ब्राह्मण समाज के बाद अब नगर के व्यापारी वर्ग ने भी रेलबस शुरू कराने के लिए गुरुवार को आवाज बुलंद की।
व्यापारी धर्मेंद्र अग्रवाल का कहना है कि रेलवे रेलबस को दोबारा शुरू करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। अब यह देरी नगर की जनता के साथ श्रद्धालु और पर्यटकों के मन में आक्रोश पैदा कर रही है।
सुनील टैंटीवाला ने कहा कि रेलबस यात्रा दैनिक यात्रियों के लिए मथुरा से वृंदावन आने के लिए एक सीधा माध्यम थी। अन्य साधनों से मथुरा से वृंदावन आने के लिए यात्रियों को टेंपो, आटो, बस आदि का सहारा लेना पड़ता है। इससे समय और धन की बर्बादी होती है।
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प्रेम किशोर मानसिंका का कहना है कि रेलबस को दोबारा शुरू न करके रेलवे के अधिकारी अपनी सुस्त और निष्क्रिय कार्यशैली का प्रदर्शन कर रहे है। इसके साथ ही यात्रियों की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। रेलबस शुरू न होने पर जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
दम्पतकिशोर दीक्षित ने कहा कि मथुरा से वृंदावन के मध्य रेलवे एकमात्र रेलबस का संचालन करता था। वो भी बंद है। ऐसे में आधुनिकीकरण की ओर बढ़ने का दावा कर रहा रेलवे ब्रज में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।
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व्यापारी धर्मेंद्र अग्रवाल का कहना है कि रेलवे रेलबस को दोबारा शुरू करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। अब यह देरी नगर की जनता के साथ श्रद्धालु और पर्यटकों के मन में आक्रोश पैदा कर रही है।
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सुनील टैंटीवाला ने कहा कि रेलबस यात्रा दैनिक यात्रियों के लिए मथुरा से वृंदावन आने के लिए एक सीधा माध्यम थी। अन्य साधनों से मथुरा से वृंदावन आने के लिए यात्रियों को टेंपो, आटो, बस आदि का सहारा लेना पड़ता है। इससे समय और धन की बर्बादी होती है।
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प्रेम किशोर मानसिंका का कहना है कि रेलबस को दोबारा शुरू न करके रेलवे के अधिकारी अपनी सुस्त और निष्क्रिय कार्यशैली का प्रदर्शन कर रहे है। इसके साथ ही यात्रियों की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। रेलबस शुरू न होने पर जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
दम्पतकिशोर दीक्षित ने कहा कि मथुरा से वृंदावन के मध्य रेलवे एकमात्र रेलबस का संचालन करता था। वो भी बंद है। ऐसे में आधुनिकीकरण की ओर बढ़ने का दावा कर रहा रेलवे ब्रज में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।