{"_id":"8ac44062b91b6c825dd1f6f217f1fac0","slug":"railbus-facility-in-mathura-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे की उदासीनता यात्रियों पर भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे की उदासीनता यात्रियों पर भारी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 06 Jan 2016 08:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा जंक्शन से वृंदावन के मध्य चलने वाली रेलबस सेवा बंद होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी छह माह से बंद पड़ी रेलबस को दोबारा शुरू कराने के प्रति रेलवे के अधिकारी उदासीन हैं। बुधवार को नगर के ब्राह्मण समाज ने शीघ्र रेलबस सेवा शुरू करने की मांग की। अन्यथा की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
रामप्रसाद शर्मा ने कहा कि रेलबस सेवा को शुरू न करके रेलवे के अधिकारी अपनी उदासीनता का परिचय दे रहे हैं। छह माह से बंद पड़ी रेलबस अब रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है। वहीं दैनिक यात्रियों की परेशानियों का सबब भी बन रही है।
सुरेशचंद्र शर्मा का कहना है कि रेलबस यात्रा ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मथुरा से वृंदावन आने जाने के लिए सुरक्षित होने के साथ सस्ती और सुगम माध्यम थी। देश में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना का दावा करने वाला रेलवे अब ब्रज में खोखला साबित हो रहा है।
विज्ञापन
लाड़िली वल्लभ उपाध्याय ने कहा कि रेलबस वृंदावन में रेलवे की पहचान हुआ करती थी लेकिन आज अपनी ही पहचान को बचा पाने में रेलवे के अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। रेलबस बंद होने से न केवल यात्रियों को परेशानी हो रही है बल्कि रेलवे को भी नुकसान पहुंच रहा है।
कपिलदेव शास्त्री का कहना था कि रेलबस दैनिक यात्रियों के लिए सुविधाजनक होने के साथ मथुरा जंक्शन पर उतरने वाले श्रद्धालु और पर्यटकों के लिए वृंदावन आने का बेहतर माध्यम थी। छह माह से रेलबस बंद होने के कारण यात्री अब मथुरा से अन्य विकल्पों से आने को मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन
रामप्रसाद शर्मा ने कहा कि रेलबस सेवा को शुरू न करके रेलवे के अधिकारी अपनी उदासीनता का परिचय दे रहे हैं। छह माह से बंद पड़ी रेलबस अब रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है। वहीं दैनिक यात्रियों की परेशानियों का सबब भी बन रही है।
विज्ञापन
सुरेशचंद्र शर्मा का कहना है कि रेलबस यात्रा ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मथुरा से वृंदावन आने जाने के लिए सुरक्षित होने के साथ सस्ती और सुगम माध्यम थी। देश में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना का दावा करने वाला रेलवे अब ब्रज में खोखला साबित हो रहा है।
विज्ञापन
लाड़िली वल्लभ उपाध्याय ने कहा कि रेलबस वृंदावन में रेलवे की पहचान हुआ करती थी लेकिन आज अपनी ही पहचान को बचा पाने में रेलवे के अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। रेलबस बंद होने से न केवल यात्रियों को परेशानी हो रही है बल्कि रेलवे को भी नुकसान पहुंच रहा है।
कपिलदेव शास्त्री का कहना था कि रेलबस दैनिक यात्रियों के लिए सुविधाजनक होने के साथ मथुरा जंक्शन पर उतरने वाले श्रद्धालु और पर्यटकों के लिए वृंदावन आने का बेहतर माध्यम थी। छह माह से रेलबस बंद होने के कारण यात्री अब मथुरा से अन्य विकल्पों से आने को मजबूर हो रहे हैं।