{"_id":"6ab0d5bdd09a183fb90bb07b","slug":"protest-intensifies-over-reopening-of-chhata-sugar-mill-2026-09-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"छाता शुगर मिल: फिर भड़का आंदोलन, तड़के प्रदर्शनकारियों को हटाने पर 30 गांवों में पंचायत; मिल की ओर कूच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छाता शुगर मिल: फिर भड़का आंदोलन, तड़के प्रदर्शनकारियों को हटाने पर 30 गांवों में पंचायत; मिल की ओर कूच
Mon, 21 Sep 2026 12:29 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:29 PM IST
सार
छाता शुगर मिल चालू कराने की मांग को लेकर करीब 40 दिन से चल रहे धरने से प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सोमवार तड़के हटा दिया। कार्रवाई के विरोध में करीब 30 गांवों में पंचायतें हुईं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मिल की ओर पहुंचने लगे।
विज्ञापन
किसान
- फोटो : शोसल मीडिया
विस्तार
छाता शुगर मिल के संचालन की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले चल रहा धरना प्रदर्शन सोमवार को एक नए और उग्र मोड़ पर पहुंच गया। पिछले 40 दिनों से जारी इस धरने में सोमवार को हजारों किसान और महिलाएं एकजुट होकर धरना स्थल पर पहुंचे और गन्ना मिल चलाओ जैसे जोरदार नारे लगाए।
देर रात पुलिस द्वारा धरनारत लोगों को हटाए जाने की घटना के बाद सोमवार को आंदोलन ने और अधिक तूल पकड़ लिया। धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए भूतपूर्व सैनिक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूबेदार कर्मयोगी ललित कुमार ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाया जा रहा है, जिससे सरकारी कामकाज में कोई बाधा उत्पन्न न हो। सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने मंच से आह्वान किया, या तो शुगर मिल का संचालन शुरू किया जाए, अन्यथा सांसद समेत पांचों सीटें खाली कर दें।
वहीं, धरने में शामिल हुए हेमंत गुर्जर ने कहा कि जब केंद्रीय स्तर पर मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ सकता है तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को भी जनता के हितों के आगे जवाबदेह होना होगा। प्रदर्शन के दौरान जबर सिंह प्रधान, दिगंबर चौधरी, जोगेंद्र सूबेदार, इंद्रजीत सूबेदार, ठकुरी सूबेदार, कैलाश प्रधान, किशन सिंह आर्य, महिपाल आर्य, लोकमणीकांत जादौन, भावना और सत्यवती सहित हजारों की संख्या में क्षेत्र के किसान और महिलाएं मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
देर रात पुलिस द्वारा धरनारत लोगों को हटाए जाने की घटना के बाद सोमवार को आंदोलन ने और अधिक तूल पकड़ लिया। धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए भूतपूर्व सैनिक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूबेदार कर्मयोगी ललित कुमार ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाया जा रहा है, जिससे सरकारी कामकाज में कोई बाधा उत्पन्न न हो। सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने मंच से आह्वान किया, या तो शुगर मिल का संचालन शुरू किया जाए, अन्यथा सांसद समेत पांचों सीटें खाली कर दें।
विज्ञापन
वहीं, धरने में शामिल हुए हेमंत गुर्जर ने कहा कि जब केंद्रीय स्तर पर मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ सकता है तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को भी जनता के हितों के आगे जवाबदेह होना होगा। प्रदर्शन के दौरान जबर सिंह प्रधान, दिगंबर चौधरी, जोगेंद्र सूबेदार, इंद्रजीत सूबेदार, ठकुरी सूबेदार, कैलाश प्रधान, किशन सिंह आर्य, महिपाल आर्य, लोकमणीकांत जादौन, भावना और सत्यवती सहित हजारों की संख्या में क्षेत्र के किसान और महिलाएं मौजूद रहे।
विज्ञापन
सख्ती के बाद भी जुटा किसानों का हुजूम
छाता शुगर मिल के दोबारा से संचालन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में सोमवार को प्रशासन और किसानों के बीच खींचतान और बढ़ गई। तड़के करीब तीन बजे धरना स्थल पर हुई पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई की भनक लगते ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों में तनाव फैल गया। सुबह होते ही ग्रामीण ट्रैक्टरों में सवार होकर छाता शुगर मिल की ओर कूच करने की तैयारी में थे, लेकिन भनक लगते ही सक्रिय हुई पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने रास्तों रोकने का प्रयास किया। जगह-जगह रास्ते रोके जाने के कारण किसानों को एकजुट होने और धरना स्थल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और काफी समय लग गया। इसके बावजूद, तमाम प्रशासनिक बाधाओं को पार करते हुए हजारों की संख्या में किसान और ग्रामीण ट्रैक्टरों के साथ धरना स्थल पर पहुंचने में सफल रहे।
कार्रवाई के बाद शुगर मिल गेट पर अकेले बैठे शंकर नेता
तड़के सुबह पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई के बाद, गांव दद्दी गढ़ी के रहने वाले शंकर नेता अकेले ही शुगर मिल के मुख्य गेट पर जाकर बैठ गए। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और शंकर नेता से बातचीत की। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। इस मामले पर शंकर नेता ने बताया कि वे छाता शुगर मिल को चालू कराने की अपनी मुख्य मांग को लेकर मिल गेट पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर शांतिपूर्ण तरीके से उनके घर सुरक्षित पहुंचा दिया है।
जुगल प्रधान हुए हाउस अरेस्ट और दिगंबर चौधरी नजरबंद
छाता शुगर मिल के संचालन की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले चल रहा 40 वें दिन धरना प्रदर्शन सोमवार को एक उग्र मोड़ पर पहुंच गया। तड़के तीन बजे धरना स्थल पर हुई कार्रवाई के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए नेता जुगल प्रधान को हाउस अरेस्ट और दिगंबर चौधरी को थाने में नजरबंद कर दिया। दोनों को पुलिस ने दोपहर बाद छोड़ दिया।
छाता शुगर मिल के दोबारा से संचालन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में सोमवार को प्रशासन और किसानों के बीच खींचतान और बढ़ गई। तड़के करीब तीन बजे धरना स्थल पर हुई पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई की भनक लगते ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों में तनाव फैल गया। सुबह होते ही ग्रामीण ट्रैक्टरों में सवार होकर छाता शुगर मिल की ओर कूच करने की तैयारी में थे, लेकिन भनक लगते ही सक्रिय हुई पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने रास्तों रोकने का प्रयास किया। जगह-जगह रास्ते रोके जाने के कारण किसानों को एकजुट होने और धरना स्थल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और काफी समय लग गया। इसके बावजूद, तमाम प्रशासनिक बाधाओं को पार करते हुए हजारों की संख्या में किसान और ग्रामीण ट्रैक्टरों के साथ धरना स्थल पर पहुंचने में सफल रहे।
कार्रवाई के बाद शुगर मिल गेट पर अकेले बैठे शंकर नेता
तड़के सुबह पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई के बाद, गांव दद्दी गढ़ी के रहने वाले शंकर नेता अकेले ही शुगर मिल के मुख्य गेट पर जाकर बैठ गए। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और शंकर नेता से बातचीत की। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। इस मामले पर शंकर नेता ने बताया कि वे छाता शुगर मिल को चालू कराने की अपनी मुख्य मांग को लेकर मिल गेट पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर शांतिपूर्ण तरीके से उनके घर सुरक्षित पहुंचा दिया है।
जुगल प्रधान हुए हाउस अरेस्ट और दिगंबर चौधरी नजरबंद
छाता शुगर मिल के संचालन की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले चल रहा 40 वें दिन धरना प्रदर्शन सोमवार को एक उग्र मोड़ पर पहुंच गया। तड़के तीन बजे धरना स्थल पर हुई कार्रवाई के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए नेता जुगल प्रधान को हाउस अरेस्ट और दिगंबर चौधरी को थाने में नजरबंद कर दिया। दोनों को पुलिस ने दोपहर बाद छोड़ दिया।