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यूपी: बांके बिहारी मंदिर तोड़े जाने की खबर, धरने पर बैठ गए ग्रामीण; बोले- ऐसा नहीं होने देंगे
Thu, 15 Oct 2026 09:01 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 15 Oct 2026 09:01 AM IST
सार
गोवर्धन के आन्यौर गांव में करीब 100 साल पुराने श्रीबांके बिहारी मंदिर को तोड़कर नया निर्माण कराने के मामले में विवाद बढ़ गया है।
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धरने पर बैठ गए ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
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मथुरा के गोवर्धन में गिरिराजजी की तलहटी स्थित आन्यौर गांव में करीब सौ साल पुराने श्रीबांकेबिहारी मंदिर को तोड़कर निर्माण कराए जाने का मामला गरमा गया है। मंदिर के साथ अतिथि गृह बनाने की बात सामने आने पर ग्रामीणों ने व्यवसायीकरण का आरोप लगाते हुए बुधवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक शताब्दी पहले आगरा निवासी विशंभर दास बाबा ने ग्रामीणों के सहयोग से यह मंदिर बनवाया था। मंदिर लंबे समय से ग्रामीणों की आस्था का केंद्र रहा है। आरोप है कि बाबा के परिजन बताने वाले कुछ लोग मंदिर को तोड़कर नया निर्माण करा रहे हैं। ग्रामीणों की आपत्ति पर उन्हें बताया गया कि मंदिर के साथ अतिथि गृह भी बनाया जाएगा। इस बात को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया, लेकिन तोड़फोड़ का कार्य जारी रहा।
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मंदिर संरक्षण की मांग
गांव निवासी मुकेश कौशिक ने कहा कि सौ साल पुराना बांके बिहारी मंदिर ग्रामीणों की आस्था का प्रतीक है। मंदिर तोड़कर अतिथि गृह बनाने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मंदिर के संरक्षण के लिए कदम उठाने की मांग की। माधव सिंह ने कहा कि यह मामला पूरे गांव की आस्था से जुड़ा है।
गांव निवासी मुकेश कौशिक ने कहा कि सौ साल पुराना बांके बिहारी मंदिर ग्रामीणों की आस्था का प्रतीक है। मंदिर तोड़कर अतिथि गृह बनाने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मंदिर के संरक्षण के लिए कदम उठाने की मांग की। माधव सिंह ने कहा कि यह मामला पूरे गांव की आस्था से जुड़ा है।