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Mathura News: छाता चीनी मिल चालू करने को लेकर गरमाई सियासत
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छाता। क्षेत्र की बंद पड़ी छाता चीनी मिल को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे भूतपूर्व सैनिक व किसान आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (भानु) का पूर्ण समर्थन मिल गया है। भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने छाता पहुंचकर धरना स्थल पर हुंकार भरी और प्रदेश सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि छाता की चीनी मिल हर हाल में चलानी होगी, वरना सरकार को इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को यह चीनी मिल चालू करनी ही पड़ेगी, अन्यथा इसके परिणाम गंभीर होंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके एक आह्वान पर देश के विभिन्न प्रदेशों से लाखों किसान यहां पहुंच जाएंगे और क्षेत्र में ''''''''महाभारत'''''''' छिड़ जाएगा। पौराणिक संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म और न्याय की हानि होती है, तब-जब महाभारत होना निश्चित होता है। पांडवों ने तो केवल पांच गांव मांगे थे, लेकिन कौरवों के इनकार के बाद महाभारत हुआ था। ठीक वैसे ही किसान अपने हक की मिल मांग रहे हैं और इस संभावित महाभारत में वह स्वयं अर्जुन की भूमिका निभाएंगे।
पूर्व सैनिकों और किसानों के संघर्ष की सराहना करते हुए भानु प्रताप सिंह ने कहा कि आंदोलनरत भूतपूर्व सैनिक ललित कुमार व अन्य साथियों के संघर्ष का संकल्प अवश्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस आसन्न संघर्ष को टालना चाहती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से चीनी मिल चालू करने की आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। किसान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अब किसानों का धैर्य पूरी तरह से टूट चुका है और यह आंदोलन अब और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। जो भी सरकार किसानों के हित में चीनी मिल का संचालन नहीं करेगी, उसका पुरजोर विरोध और पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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महिलाओं ने कहा, या तो मिल चालू कराएं या ब्रज आना बंद करें
छाता। मिल प्रांगण में चल रहे किसान-भूतपूर्व सैनिक धरने में शामिल हुईं कमई गांव की निवासी रुक्मिणी ने शासन-प्रशासन और मुख्यमंत्री की नीयत पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ब्रजभूमि से बड़ा प्रेम है, लेकिन इस भूमि पर रहने वाले बृजवासियों की सुध नहीं ली जा रही। उन्होंने कहा कि यदि सच में बृजवासियों की फिक्र होती, तो बीते 17 सालों से बंद पड़ी यह चीनी मिल अब तक चालू हो चुकी होती। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि या तो इस मिल को तुरंत चालू कराया जाए, अन्यथा ब्रज में आना बंद किया जाए।
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धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को यह चीनी मिल चालू करनी ही पड़ेगी, अन्यथा इसके परिणाम गंभीर होंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके एक आह्वान पर देश के विभिन्न प्रदेशों से लाखों किसान यहां पहुंच जाएंगे और क्षेत्र में ''''''''महाभारत'''''''' छिड़ जाएगा। पौराणिक संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म और न्याय की हानि होती है, तब-जब महाभारत होना निश्चित होता है। पांडवों ने तो केवल पांच गांव मांगे थे, लेकिन कौरवों के इनकार के बाद महाभारत हुआ था। ठीक वैसे ही किसान अपने हक की मिल मांग रहे हैं और इस संभावित महाभारत में वह स्वयं अर्जुन की भूमिका निभाएंगे।
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पूर्व सैनिकों और किसानों के संघर्ष की सराहना करते हुए भानु प्रताप सिंह ने कहा कि आंदोलनरत भूतपूर्व सैनिक ललित कुमार व अन्य साथियों के संघर्ष का संकल्प अवश्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस आसन्न संघर्ष को टालना चाहती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से चीनी मिल चालू करने की आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। किसान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अब किसानों का धैर्य पूरी तरह से टूट चुका है और यह आंदोलन अब और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। जो भी सरकार किसानों के हित में चीनी मिल का संचालन नहीं करेगी, उसका पुरजोर विरोध और पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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महिलाओं ने कहा, या तो मिल चालू कराएं या ब्रज आना बंद करें
छाता। मिल प्रांगण में चल रहे किसान-भूतपूर्व सैनिक धरने में शामिल हुईं कमई गांव की निवासी रुक्मिणी ने शासन-प्रशासन और मुख्यमंत्री की नीयत पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ब्रजभूमि से बड़ा प्रेम है, लेकिन इस भूमि पर रहने वाले बृजवासियों की सुध नहीं ली जा रही। उन्होंने कहा कि यदि सच में बृजवासियों की फिक्र होती, तो बीते 17 सालों से बंद पड़ी यह चीनी मिल अब तक चालू हो चुकी होती। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि या तो इस मिल को तुरंत चालू कराया जाए, अन्यथा ब्रज में आना बंद किया जाए।