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Mathura News: चार साल में 517 गुमशुदा में से 436 पुलिस ने खोजे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 May 2025 01:04 AM IST
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Police found 436 out of 517 missing persons in four years
मथुरा। कान्हा की नगरी में गुमशुदा होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि संतोषजनक बात यह है कि पुलिस और बाल अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्थाएं लगातार गुमशुदा हुए लोगों को बरामद कर रही हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में 517 लोग गुमशुदा हुए। जबकि पुलिस ने 436 लोगों को बरामद कर उनके परिजन को सौंपा।
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कान्हा की नगरी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। हर साल 100 से अधिक गुमशुदगी थाने में दर्ज होती हैं। कई बार बच्चे गुम हो जाते हैं। बच्चों को खोजने के लिए प्रत्येक थाने पर हेल्प डेस्क बनाई गई है। यहां बच्चों के गुमशुदा होने की तुरंत रिपोर्ट दर्ज की जाती है। हालांकि अधिकांश मंदिरों के आसपास गुम होने वाले व्यक्ति गुमशुदगी दर्ज होने से पहले ही परिजन को मिल जाते हैं। गुमशुदा हुए लोगों को खोजने के लिए पुलिस गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी और फोटो अपनी वेबसाइट, uppolice.gov.in.en2hi.search.translate.goog पर भी डालती है। ताकि प्रदेश के सभी थानों में एक साथ गुमशुदा की तस्वीर और जानकारी पहुंच जाए। जानकारी और फोटो के आधार पर थाना स्तर पर गुमशुदा की तलाश की जाती है।
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वर्ष

गुमशुदा की संख्या

मिलने वालों की संख्या
2022


164



139
2023


150



127
2024


128



108
2025


75



62 (23 मई तक)


25 मई 1983 से शुरु हुआ राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस
अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने 25 मई 1983 को पहला राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस घोषित किया था। जो 25 मई, 1979 को न्यूयॉर्क शहर की एक सड़क के कोने से गायब हुए 6 वर्षीय बालक एटन पैट्स की याद में प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
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वर्जन
सभी अधीनस्थों को गुमशुदगी तत्काल दर्ज करने को निर्देश हैं। सही समय पर गुमशुदगी दर्ज होने पर गुमशुदा को खोजना भी आसान हो जाता है। पुलिस कई स्तर पर गुमशुदा को खोजती है।

श्लोक कुमार, एसएसपी मथुरा




जंक्शन से ज्यादा बच्चे होते हैं गुम, जीआरपी नहीं देती ध्यान
जंक्शन रेलवे स्टेशन से बच्चे गुम और चोरी होने की वारदात अधिक होती हैं। जीआरपी पुलिस की लापरवाही के कारण उनके परिजन बच्चों को खोजते रहते हैं, लेकिन पुलिस मदद नहीं करती है। परिजन चक्कर लगा-लगाकर परेशान होते जाते हैं और थक हार कर बैठ जाते हैं। विगत ढाई वर्ष में जंक्शन रेलवे स्टेशन से ढाई वर्ष की बच्ची और आठ माह का बच्चा चोरी हो चुका है, लेकिन जीआरपी पुलिस अभी तक उन्हें बरामद नहीं कर पाई है। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि जंक्शन से चोरी बच्चों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। टीमें लगी हैं।
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