{"_id":"57ab731b4f1c1b8e34ee4e7b","slug":"poisonous-water-was-reason-of-death-of-three-person","type":"story","status":"publish","title_hn":"जहरीले पानी से गई थी तीन लोगों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहरीले पानी से गई थी तीन लोगों की जान
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांशीराम आवासीय कालोनी में तीन लोगों की मौत का कारण जहरीला पानी बताया गया है। जांच में यहां आ रहे पीने के पानी के सभी चारों नमूनों में हैवी मेटल्स की उपस्थिति चौंकाने वाली है।
लगभग तीन माह पहले कांशीराम आवासीय कालोनी में लोग उल्टी, दस्त के शिकार हो गए थे। इस दौरान दो मासूम और एक महिला की मौत से प्रशासन के हाथपांव फूल गए। यहां तकरीबन 500 लोग बीमार पड़ गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ से भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की टीम मथुरा आई थी। इस दौरान खाद्य विभाग की टीम ने यहां आ रहे पीने के पानी के नमूने लिए थे।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि यहां से लिए गए पानी के चारों नमूने जांच में फेल हो गए हैं। जांच रिपोर्ट में इस पानी में नाइट्रेट, लेड, सोडियम जैसे हैवी मेटल्स अधिक मात्रा में पाए गए जो जीवन के लिए हानिकारक होते हैं।
विज्ञापन
पानी की जांच रिपोर्ट
पानी के अंदर तत्व पाई गई मात्रा ये है मानक मात्रा
सल्फेट 350 200
नाइट्रेट 141 45
क्लोराइड 200 1360
लेड 0.23 0.01
अवयवों की मात्रा पार्ट वन मिलयन (पीपीएम) में।
पानी में आर्सेनिक, क्लोराइड से अन्य तत्वाें की अधिक मात्रा शरीर के लिए बेहद घातक होती है। इससे कई गंभीर बीमारियां भी बनती है।
- डा. एमके गुप्ता, वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट, मथुरा
जहां भी संभव हो सके लोग पीने के लिए आरओ के पानी का इस्तेमाल करें। जहां आरओ का पानी उपलब्ध न हो वो पानी को उबालकर और छानकर पीने के लिए इस्तेमाल करें।
-डा. विवेक मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा
विज्ञापन
लगभग तीन माह पहले कांशीराम आवासीय कालोनी में लोग उल्टी, दस्त के शिकार हो गए थे। इस दौरान दो मासूम और एक महिला की मौत से प्रशासन के हाथपांव फूल गए। यहां तकरीबन 500 लोग बीमार पड़ गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ से भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की टीम मथुरा आई थी। इस दौरान खाद्य विभाग की टीम ने यहां आ रहे पीने के पानी के नमूने लिए थे।
विज्ञापन
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि यहां से लिए गए पानी के चारों नमूने जांच में फेल हो गए हैं। जांच रिपोर्ट में इस पानी में नाइट्रेट, लेड, सोडियम जैसे हैवी मेटल्स अधिक मात्रा में पाए गए जो जीवन के लिए हानिकारक होते हैं।
विज्ञापन
पानी की जांच रिपोर्ट
पानी के अंदर तत्व पाई गई मात्रा ये है मानक मात्रा
सल्फेट 350 200
नाइट्रेट 141 45
क्लोराइड 200 1360
लेड 0.23 0.01
अवयवों की मात्रा पार्ट वन मिलयन (पीपीएम) में।
पानी में आर्सेनिक, क्लोराइड से अन्य तत्वाें की अधिक मात्रा शरीर के लिए बेहद घातक होती है। इससे कई गंभीर बीमारियां भी बनती है।
- डा. एमके गुप्ता, वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट, मथुरा
जहां भी संभव हो सके लोग पीने के लिए आरओ के पानी का इस्तेमाल करें। जहां आरओ का पानी उपलब्ध न हो वो पानी को उबालकर और छानकर पीने के लिए इस्तेमाल करें।
-डा. विवेक मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा