वृंदावन। यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के चलते वृंदावन की कई कॉलोनियां जलमग्न हो चुकी हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि प्रशासन को कई इलाकों से लोगों को बाढ़ राहत केंद्रों तक रेस्क्यू कर सुरक्षित पहुंचाना पड़ा है। हालांकि कई लोग अब भी अपने मकानों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं, वजह है मेहनत से बना आशियाना और उसमें रखा जिंदगी भर की कमाई से जुटाया सामान।
श्याम कुटी कॉलोनी निवासी मोहन ने बताया कि वे अपने घरों को इसलिए नहीं छोड़ रहे, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके सामान की चोरी हो सकती है। उन्होंने ये घर खून-पसीने से बनाए हैं, इन्हें कैसे यूं ही छोड़ देँ। उन्होंने यह भी बताया कि जिनके घरों में पानी भर चुका है, उन्होंने अब अपने घर की छतों को ही अस्थायी ठिकाना बना लिया है। सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। इलाके में साफ पानी की आपूर्ति ठप है। बिजली न आने से नलकूप नहीं चल रहे हैं। ऐसे बारिश के पानी को ही जमा करके पीने को मजबूर हैं। टंकी और बाल्टियों में बारिश का पानी जमा कर लिया है, उसी को छानकर पी रहे हैं।