BankeBihari Corridor: काली पट्टी बांधकर लोगों ने किया विरोध, बोले- कुंज गलियों वाला तीर्थस्थल छोड़ दो
मथुरा में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर पर बनने वाले कॉरिडोर का बृजवासी विरोध कर रहे हैं। उनका विरोध लगातार जारी है। शुक्रवार को लोगों ने काली पट्टी बांधकर इसका विरोध किया।
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वृंदावन स्थित ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर का विरोध लगातार दसवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को प्रदर्शनकारी ब्रजवासियों द्वारा सिर पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया एवं शासन प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। सभी ने एक सुर में कहा कि कॉरिडोर किसी भी सूरत में नहीं बनना चाहिए। इसके बाद काली पट्टी बांधकर प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च करते हुए बाजार में जनसंपर्क किया। इसके बाद बांकेबिहारी मंदिर चबूतरे पर पहुंचकर नारेबाजी की।
जब तक हमें राहत नहीं मिलती तब तक प्रदर्शन चलता रहेगा
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार अपने कॉरिडोर के फैसले को नहीं बदलती है। उच्च न्यायालय से जब तक हमें राहत नहीं मिलती है, तब तक हमारा ये प्रदर्शन लगातार चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन कर रहे व्यापारी, गोस्वामीगण, ब्रजवासी एवं अन्य सभी लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है। सबको समझाया है कि किसी को कोई नुकसान नहीं होगा, जिसको नुकसान होगा सरकार उसको उचित मुआवजा देगी। साथ ही दुकान के बदले दुकान देने का प्रावधान भी है। हमें इस पर कोई सरोकार नहीं।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के सामने हमारा एक ही मत है कि हमें कॉरिडोर के साथ किसी तरह का कोई समझौता मंजूर नहीं। वृंदावन में इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। हमारे वृंदावन को कुंज गलियों वाला वृंदावन ही रहने दिया जाए। प्रदर्शन करने वालों में गोविंद खंडेलवाल, अमित गौतम, अशोक शर्मा, अनिल गौतम, हिमांशु गोस्वामी, अलोकिक शर्मा, आशीष वशिष्ठ, दिनेश, नीरज, अजय, श्याम, जगमोहन, भिक्की, राजेश, रघु, मोनू, मदनमोहन, मोहन, गिरधर आदि थे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री के सामने रखी समस्या
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से मुलाकात कर वृंदावन की पुरातन कुंज गलियों व धार्मिक स्वरूप से छेड़छाड़ न करने एवं कॉरिडोर न बनाए जाने की मांग की। कहा कि वर्तमान व्यवस्था में ही सुधार करके दर्शन कराने की योजना पर काम करने की जरूरत है।
लोगों की बात सुनकर मंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों से संवाद एवं सहमति के बिना कोई भी कार्य नहीं कराया जाएगा। वह स्थानीय लोगों की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगी। बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामियों द्वारा मंदिर प्रांगण में कॉरिडोर न बनाकर व्यवस्थाओं में सुधार करने की बात कही। पार्षद वैभव अग्रवाल, भोला गौतम, अलौकिक शर्मा, गोविंद खंडेलवाल, अनिल गौतम, सुनील गौतम, मुकेश कृष्ण शर्मा, वैभव सिद्ध, शिवेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।
पीएम और सीएम को लिखा पत्र
बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र से निवर्तमान पार्षद वैभव अग्रवाल ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिख व ट्वीट कर स्थानीय लोगों की भावना से अवगत कराया है। वैभव अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर हमारे क्षेत्र की जनता बहुत असमंजस में है एवं परेशान है, क्योंकि मामला उच्च न्यायालय में है और सरकार की तरफ से किसी भी स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया है।
साथ ही कुछ दिन पूर्व चिन्हांकन की प्रक्रिया के अंतर्गत लगभग 300 मकान एवं दुकान का अधिग्रहण होने की संभावना है। आपसे बस एक ही गुजारिश है कि आप बांकेबिहारी कॉरिडोर के प्रस्ताव को अमलीजामा न पहनाएं, केवल मंदिर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से दर्शन की व्यवस्था लागू करें, जिससे भीड़ का दबाव स्वत: ही कम हो जाएगा।