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Mathura News: शरीर में दर्द से परेशान वायरल बुखार से पीड़ित मरीज
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रवि माहेश्वरी के कक्ष में लगी मरीजों की भीड़।
मथुरा। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद लगातार बदल रहे मौसम के कारण लोग वायरल बुखार का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, सर्दी और जुकाम से पीड़ित 180 से ज्यादा मरीज रोजाना दवा लेने के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक उन्हें दवा के साथ बीमारी से बचाव के सुझाव भी दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी ने बताया कि बारिश के मौसम में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में हर साल इजाफा होता है। क्योंकि इस दौरान वातावरण में नमी और तापमान में बदलाव के कारण वायरस और बैक्टीरिया अधिक सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि उमस और गर्मी से परेशान लोग धूप में कम समय बिताते हैं। इसके अलावा खानपान में बदलाव उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है।
इससे भी वायरल संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है। बारिश के कारण दूषित पानी और भोजन का सेवन भी वायरल बुखार का कारण है। बुखार के साथ लोग सर्दी जुकाम से भी पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 180 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। कभी-कभी तो यह आंकड़ा 200 से पार हो जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो वायरल बुखार चल रहा है, उसके कारण मरीज के शरीर में ज्यादा दर्द हो रहा है।
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वायरल बुखार के अलग-अलग लक्षण
जिला अस्पताल के चिकित्सक के अनुसार वायरल बुखार दो तरह का है। किसी मरीज को सर्दी के साथ बुखार आता है, तो किसी मरीज को बुखार तो आता है, लेकिन उसे सर्दी नहीं लगती है। कई मरीजों को बुखार के साथ सर्दी और जुकाम की भी शिकायत हो रही है।
बचाव के लिए चिकित्सक की सलाह
- स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। हाथों को बार-बार धोएं, खासकर खाना खाने से पहले और बाद में साबुन से अच्छी तरह हाथों को साफ करें।
- फ्रिज के पानी से परहेज करें और सादा पानी उबालकर पिएं।
- घर की रसोई में पका ताजा भोजन करें। भोजन को हमेशा ढक कर रखें। बाजार के खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
- बुखार आने पर स्वयं चिकित्सक न बनें। अस्पताल जाकर डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा का सेवन करें।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी ने बताया कि बारिश के मौसम में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में हर साल इजाफा होता है। क्योंकि इस दौरान वातावरण में नमी और तापमान में बदलाव के कारण वायरस और बैक्टीरिया अधिक सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि उमस और गर्मी से परेशान लोग धूप में कम समय बिताते हैं। इसके अलावा खानपान में बदलाव उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है।
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इससे भी वायरल संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है। बारिश के कारण दूषित पानी और भोजन का सेवन भी वायरल बुखार का कारण है। बुखार के साथ लोग सर्दी जुकाम से भी पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 180 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। कभी-कभी तो यह आंकड़ा 200 से पार हो जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो वायरल बुखार चल रहा है, उसके कारण मरीज के शरीर में ज्यादा दर्द हो रहा है।
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वायरल बुखार के अलग-अलग लक्षण
जिला अस्पताल के चिकित्सक के अनुसार वायरल बुखार दो तरह का है। किसी मरीज को सर्दी के साथ बुखार आता है, तो किसी मरीज को बुखार तो आता है, लेकिन उसे सर्दी नहीं लगती है। कई मरीजों को बुखार के साथ सर्दी और जुकाम की भी शिकायत हो रही है।
बचाव के लिए चिकित्सक की सलाह
- स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। हाथों को बार-बार धोएं, खासकर खाना खाने से पहले और बाद में साबुन से अच्छी तरह हाथों को साफ करें।
- फ्रिज के पानी से परहेज करें और सादा पानी उबालकर पिएं।
- घर की रसोई में पका ताजा भोजन करें। भोजन को हमेशा ढक कर रखें। बाजार के खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
- बुखार आने पर स्वयं चिकित्सक न बनें। अस्पताल जाकर डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा का सेवन करें।