{"_id":"6a95d29f38d4621cf9024387","slug":"path-to-the-cremation-ground-for-the-final-journey-to-become-easier-mathura-news-c-369-1-mt11023-151895-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: शमशान तक आसान होगी अंतिम सफर की डगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: शमशान तक आसान होगी अंतिम सफर की डगर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। जिले के ग्रामीण अंचल में कीचड़ और जलभराव से गुजरतीं शवयात्राओं ने सिस्टम को झकझोर दिया है। अब हर गांव में श्मशान तक अंतिम सफर की डगर को आसान बनाया जाएगा। इसके लिए पंचायत राज विभाग ने गांव-गांव श्मशान के रास्तों का सर्वे शुरू करा दिया है।
विगत दिनों फरह के गांव आंवला सुल्तानपुर में श्मशान ले जाते समय कीचड़ के बीच लोगों के पैर फिसलने से अर्थी कंधों से गिरने से कई बार बची थी। यही हाल बलदेव के खड़ैरा घाट श्मशान तक के रास्ते का है। यहां भी घुटनों तक जलभराव के बीच शवयात्रा ले जानी पड़ी थी।
अमर उजाला ने इन खबरों को फोटो सहित प्रकाशित किया, जिससे प्रशासन की किरकिरी हुई है। इसके बाद जागे प्रशासन ने हर गांव के श्मशान स्थल के रास्ते को सही कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए जिले में 495 ग्राम पंचायतों से सर्वे कराकर रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
इनमें ग्राम पंचायत की सीमा वाले रास्तों का ग्राम पंचायत द्वारा सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत की सीमा से बाहर के रास्तों के प्रस्ताव बनाकर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत से निर्माण कराया जाएगा। इसमें सभी पंचायत सचिव एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत को लगाया गया है।
--
सभी ग्राम पंचायतों में श्मशान स्थल के रास्तों का सर्वे कराकर रिपोर्ट मंगाई गई है। गांव की सीमा में ग्राम पंचायत द्वारा मार्गों को दुरुस्त कराया जाएगा। गांव की सीमा से बाहर के रास्तों के सुदृढ़ीकरण के लिए क्षेत्र या जिला पंचायत को प्रस्ताव भेजा जाएगा। -धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ
विज्ञापन
विगत दिनों फरह के गांव आंवला सुल्तानपुर में श्मशान ले जाते समय कीचड़ के बीच लोगों के पैर फिसलने से अर्थी कंधों से गिरने से कई बार बची थी। यही हाल बलदेव के खड़ैरा घाट श्मशान तक के रास्ते का है। यहां भी घुटनों तक जलभराव के बीच शवयात्रा ले जानी पड़ी थी।
विज्ञापन
अमर उजाला ने इन खबरों को फोटो सहित प्रकाशित किया, जिससे प्रशासन की किरकिरी हुई है। इसके बाद जागे प्रशासन ने हर गांव के श्मशान स्थल के रास्ते को सही कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए जिले में 495 ग्राम पंचायतों से सर्वे कराकर रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
इनमें ग्राम पंचायत की सीमा वाले रास्तों का ग्राम पंचायत द्वारा सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत की सीमा से बाहर के रास्तों के प्रस्ताव बनाकर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत से निर्माण कराया जाएगा। इसमें सभी पंचायत सचिव एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत को लगाया गया है।
सभी ग्राम पंचायतों में श्मशान स्थल के रास्तों का सर्वे कराकर रिपोर्ट मंगाई गई है। गांव की सीमा में ग्राम पंचायत द्वारा मार्गों को दुरुस्त कराया जाएगा। गांव की सीमा से बाहर के रास्तों के सुदृढ़ीकरण के लिए क्षेत्र या जिला पंचायत को प्रस्ताव भेजा जाएगा। -धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ