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UP: पार्वती के अवेशष तक न मिले...एक्सप्रेस-वे पर हुए अग्निकांड में बच्चों को बचाकर खुद जिंदा जल गई थी ये 'मां'

Wed, 07 Jan 2026 12:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 07 Jan 2026 12:28 PM IST
सार

मथुरा के बलदेव में यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण अग्निकांड में बच्चों को बचाकर खुद जिंदा जलने वाली पार्वती की शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है। उसके बच्चे  मां का इंतजार कर रहे हैं। 

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Parvati's children are still waiting for their mother... their father gives them false hope
मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण हादसे में आग की लपटों में घिरी पार्वती को देखने वाले बेटा-बेटी को मां के लौटने का इंतजार है। वह पिता से पूछते हैं कि मां कब आएगी। पिता बच्चों को झूठा दिलासा देते हैं कि मां को जल्दी मथुरा से लेकर आएंगे। उधर, हादसे की जांच कर रही पांच सदस्यीय कमेटी की देखरेख में फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जली हुई दो बसों के मलबे से कुछ मानव अवशेष एकत्रित किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक लैब, आगरा भेजा जाएगा।
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एक्सप्रेस-वे हादसे में हमीरपुर के राठ निवासी गोविंद की पत्नी पार्वती डबल डेकर बस में सवार थीं। बस में आग लगने पर उन्होंने अपनी बेटी प्राची (12) और बेटे सनी (8) को बाहर धकेल दिया था, लेकिन खुद लपटों में घिर गई थीं। हालांकि घटनास्थल से एकत्रित किए गए मानव अवशेषों में पार्वती के परिवार का डीएनए मैच नहीं किया। इसी तरह बाड़ी, धौलपुर के बस कंडक्टर गोलू का डीएनए भी मैच नहीं हुआ था। पार्वती के पति गोविंद बताते हैं कि मथुरा के चक्कर काटकर थक गया हूं। हजारों का कर्ज हो गया। बेटा सनी व बेटी रोजाना पूछते हैं कि मां कब घर आएगी। वह अकसर पिता को सोते से उठाते हैं। कहते हैं कि मां को लेकर आओ। छोटे भाई को प्राची किसी तरह संभालती है।
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पिता गोविंद भी दिलासा देते हैं कि वह मथुरा से इस बार मां को लेकर आएंगे, लेकिन जब मथुरा से लौटते हैं तो उनके साथ पार्वती को नहीं देखकर बेटा रो पड़ता है। दूसरी ओर, हादसे में मृत ऋतिक यादव के परिजन डीएनए मैच होने के बाद भी शव के अवशेष को लेने नहीं आए हैं। उन्हें यकीन नहीं है कि बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। पुलिस के कई बार संपर्क करने के बाद भी उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया। अब पुलिस ने उन्हें अंतिम नोटिस देकर शव का अंतिम संस्कार करवाएगी।
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जांच कमेटी ने बसों के मलबे से एकत्रित किए मानव अंग
मथुरा। पार्वती और गोलू की मौत की जांच कर रही पांच सदस्यीय कमेटी ने फोरेंसिक टीम के साथ दोबारा माइल स्टोन 127 पर दुर्घटनाग्रस्त बसों के मलबे से हड्डी आदि कुछ अवशेष इकट्ठे किए हैं। इन अवशेषों को डीएनए मैच के लिए फोरेंसिक लैब, आगरा भेजा जा रहा है। खासतौर से पार्वती और गोलू जिन बसों में सवार थे, उन्हीं के मलबे से कुछ अवशेष बरामद किए गए हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि यदि जरूरत हुई तो हैदराबाद की फोरेंसिक लैब में भी इन अवशेषों को भेजा जाएगा, ताकि दोनों मृतकों की किसी तरह शिनाख्त हो सके।
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