मथुरा में खुलेगा पराग डेयरी का अत्याधुनिक प्लांट, एक लाख लीटर दूध से रोज बनेंगे दुग्ध उत्पाद
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मथुरा में पराग डेयरी प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक डेयरी बनेगी। इस पर 171.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नई व अत्याधुनिक पराग डेयरी में रोजाना एक लाख लीटर दूध से दुग्ध उत्पाद बनेंगे और तीन लाख लीटर दूध स्टोरेज रहेगा। डेयरी के लिए हाईवे स्थित पराग डेयरी पर दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने भूमि पूजन किया।
भूमि पूजन के दौरान दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि नई व अत्याधुनिक डेयरी बन जाने से मथुरा, आगरा, अलीगढ़ के किसानों की आमदनी दो गुना जाएगी। किसानों को आमदनी दो गुना करने को दुग्ध उत्पादन बढ़ाना होगा और डेयरी बन जाने पर उनको दूध की उचित कीमत मिल सकेगी।
दुग्ध उत्पादक किसानों से दूध खरीदने को उनके गांवों के निकट 600 दुग्ध संग्रह केंद्र खोले जाऐंगे और दूध इकट्ठा कर डेयरी पर लाया जाएगा। 171.60 करोड़ से अत्याधुनिक डेयरी का निर्माण जल निगम की सीएनडीएस शाखा कराएगी।
2016 में बंद हो गई थी मथुरा की पराग डेयरी
सपा सरकार ने मथुरा की पराग डेयरी का अस्तित्व खत्म कर फिरोजाबाद स्थित दुग्ध महासंघ में विलय कर दिया था। इससे पूर्व रोजवेज को डेयरी की बड़ी जमीन 99 साल के पट्टे पर दे दी गई थी। इसे लेकर खासा हंगामा हुआ। बाद में भाजपा सरकार बन जाने और चौधरी लक्ष्मीनारायण के दुग्ध विकास मंत्री बन जाने के बाद फिर से डेयरी को मथुरा लाया गया और प्रदेश की अत्याधुनिक डेयरी बनाने को डीपीआर बनवाई गई।
एक लाख लीटर दूध से रोज यह बनेंगे उत्पाद
अत्याधुनिक पराग डेयरी में रोजाना एक लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग होगी। इससे पनीर, खोआ, घी, मक्खन, दही, छाछ, मोहन भोग, श्रीखंड, पेड़ा, माखनमिश्री प्रसाद, छैना खीर, लस्सी व दही तैयार कर बेचा जाएगा।
750 गांवों से इकट्ठा होगा दूध
मथुरा की पराग डेयरी में इस पर 35 हजार लीटर दूध 175 गांवों से रोजाना आ रहा है। नई डेयरी बन जाने के बाद 750 गांवों में दुग्ध संग्रह केंद्र खोलकर इसे डेढ़ लाख लीटर से अधिक किया जाएगा।
10 मोबाइल मिल्क पार्लर होंगे संचालित
प्रदूषण रहित होगी समूची डेयरी
मथुरा की पराग डेयरी प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक डेयरी होगी। यह प्रदूषण रहित व सीएनजी से संचालित ब्यॉलर से चलेगी। पूरे उत्पाद बनाने व उनको ठंडा सुरक्षित रखने को अत्याधुनिक व उच्च तकनीक वाले उपकरण लगाए जाएंगे।