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Mathura News: वार्षिक भंडारा-सत्संग मेले में पंकज महाराज ने दिया मानव धर्म का संदेश
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भक्तों का अभिवादन करते महाराजजी।
मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे पांच दिवसीय वार्षिक भंडारा-सत्संग मेले में रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आश्रम के उत्तराधिकारी पंकज महाराज ने मानव तन की महिमा, सुरत-शब्द योग, शाकाहार, नशामुक्त जीवन और मानवीय गुणों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में बढ़ रहे अत्याचार और महिलाओं पर हो रहे व्यभिचार को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
पंकज महाराज ने कहा कि जैसे द्वापर युग में एक द्रोपदी के चीरहरण से महाभारत हो गया था। वैसे ही आज मद्यपान के कारण अनगिनत अत्याचार सामने आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे का समय भयावह है और बम भोले का महाविनाशकारी तांडव निकट प्रतीत होता है। इससे बचने का एकमात्र मार्ग महात्माओं की शरण और सत्संग है। मंगल भवन अमंगलहारी की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि मानव तन जीवात्मा के कल्याण का माध्यम है और उसे नर्क-चौरासी से बचाता है। दसवें द्वार पर स्थित जीवात्मा सुरत-शब्द विज्ञान के माध्यम से प्रभु में विलीन हो सकती है। जिसका ज्ञान केवल संत सत्संगों में मिलता है।
तीन गुरुओं का किया उल्लेख
महाराज ने तीन प्रकार के गुरुओं (माता-पिता, शिक्षक और आध्यात्मिक गुरु) का उल्लेख करते हुए कहा कि आध्यात्मिक गुरु ही नाम योग का भेद बताते हैं। उन्होंने शाकाहार, सदाचार और मद्यनिषेध को रामराज्य और वैचारिक क्रांति की आधारशिला बताया। आश्रम की ओर से बताया गया कि 3 से 5 मार्च 2026 तक होली का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। पंकज महाराज 5 दिसम्बर 2025 को 85 दिन के गाजीपुर न्याय पंचायत स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
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पंकज महाराज ने कहा कि जैसे द्वापर युग में एक द्रोपदी के चीरहरण से महाभारत हो गया था। वैसे ही आज मद्यपान के कारण अनगिनत अत्याचार सामने आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे का समय भयावह है और बम भोले का महाविनाशकारी तांडव निकट प्रतीत होता है। इससे बचने का एकमात्र मार्ग महात्माओं की शरण और सत्संग है। मंगल भवन अमंगलहारी की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि मानव तन जीवात्मा के कल्याण का माध्यम है और उसे नर्क-चौरासी से बचाता है। दसवें द्वार पर स्थित जीवात्मा सुरत-शब्द विज्ञान के माध्यम से प्रभु में विलीन हो सकती है। जिसका ज्ञान केवल संत सत्संगों में मिलता है।
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तीन गुरुओं का किया उल्लेख
महाराज ने तीन प्रकार के गुरुओं (माता-पिता, शिक्षक और आध्यात्मिक गुरु) का उल्लेख करते हुए कहा कि आध्यात्मिक गुरु ही नाम योग का भेद बताते हैं। उन्होंने शाकाहार, सदाचार और मद्यनिषेध को रामराज्य और वैचारिक क्रांति की आधारशिला बताया। आश्रम की ओर से बताया गया कि 3 से 5 मार्च 2026 तक होली का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। पंकज महाराज 5 दिसम्बर 2025 को 85 दिन के गाजीपुर न्याय पंचायत स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
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