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भरतपुर में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक साफ करने उतरे तीन लोगों की मौत, जहरीली गैस बनने से हुआ बड़ा हादसा
Fri, 31 May 2024 10:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भरतपुर/मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, भरतपुर/मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2024 10:04 AM IST
सार
भरतपुर में एक सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए उतरे तीन मजदूरों की जहरीली गैस की वजह से मौत हो गई, वहीं दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
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भरतपुर । उपखंड अधिकारी नदबई गंगाधर मीना घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए। स्रोत-प्रशासन
विस्तार
भरतपुर जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के गांव नगला मई में बृहस्पतिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। सफाई करने के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने उतरे दो लोग बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
गांव निवासी श्याम और दिनेश ने बताया कि सुबह लगभग 7 बजे नगला मई में इंदर सिंह के मकान पर सेप्टिक टैंक की सफाई का काम चल रहा था। टीकम चंद उर्फ भोलू पुत्र रोशन (50 वर्ष) ने ठेका लिया था और आकाश पुत्र बिज्जो (19 वर्ष) व करण सिंह उर्फ बोली पुत्र सुरेश (20 वर्ष) के साथ टैंक की सफाई कर रहे थे। सेप्टिक टैंक की आठ फीट के आसपास सफाई की जा चुकी थी। मजदूर बाल्टी से टैंक की सफाई कर रहे थे, गहराई ज्यादा होने के कारण मलबा बाहर नहीं आ रहा था।
इस पर टैंक में नसैनी डाल कर एक युवक को उतारा गया। इससे बात नहीं बनी तो उसे बाहर बुलाया। वह बाहर आ रहा था तभी उसका पैर नसैनी से फिसला और टैंक में जा गिरा। उसे बचाने के लिए दो और साथी टैंक में उतरे, पर वे भी गिर गए। तीनों को बचाने के लिए गांव निवासी नरेश पुत्र रोशन (45 वर्ष) एवं इंदर पुत्र जंगली (50 वर्ष) टैंक में उतरे लेकिन जहरीली गैस के कारण वे भी बेहोश होकर उसी में गिर गए।
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एक के बाद एक 5 लोगों के टैंक में गिरने की घटना से गांव में हड़कंप मच गया। तत्काल जेसीबी बुलाकर टैंक के बराबर में गड्ढा खुदवाया गया। सेप्टिक टैंक को तोड़कर पांचों को बाहर निकाला गया। ग्रामीण उन्हें एंबुलेंस की सहायता से आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां मई गांव निवासी आकाश, करण और टीकम चंद उर्फ भोलू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जबकि इंदर सिंह और नरेश का आरबीएम अस्पताल व निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। एएसआई श्रीलाल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। तीनों शव आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मेडिकल बोर्ड से उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
डीएम ने अस्पताल पहुंचकर जानी कुशलक्षेम
नदबई उपखंड के गांव नगला मई में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई है। जिला प्रशासन ने मृतक आश्रितों को सहायता का प्रस्ताव भिजवाया है। उपखंड अधिकारी गंगाधर मीना ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। डीएम ने आरबीएम अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम पूछी। अस्पताल प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। एडीएम प्रशासन नीरज कुमार मीना ने बताया बृहस्पतिवार को टैंक में सफाई करने उतरे व्यक्तियों ने सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे। उन्होंने व डीएम डॉ. यादव ने घटना में मजदूरों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। बताया कि शासन को मुआवजा राशि आवंटित करने की संस्तुति की गई है। घायलों के उपचार में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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गांव निवासी श्याम और दिनेश ने बताया कि सुबह लगभग 7 बजे नगला मई में इंदर सिंह के मकान पर सेप्टिक टैंक की सफाई का काम चल रहा था। टीकम चंद उर्फ भोलू पुत्र रोशन (50 वर्ष) ने ठेका लिया था और आकाश पुत्र बिज्जो (19 वर्ष) व करण सिंह उर्फ बोली पुत्र सुरेश (20 वर्ष) के साथ टैंक की सफाई कर रहे थे। सेप्टिक टैंक की आठ फीट के आसपास सफाई की जा चुकी थी। मजदूर बाल्टी से टैंक की सफाई कर रहे थे, गहराई ज्यादा होने के कारण मलबा बाहर नहीं आ रहा था।
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इस पर टैंक में नसैनी डाल कर एक युवक को उतारा गया। इससे बात नहीं बनी तो उसे बाहर बुलाया। वह बाहर आ रहा था तभी उसका पैर नसैनी से फिसला और टैंक में जा गिरा। उसे बचाने के लिए दो और साथी टैंक में उतरे, पर वे भी गिर गए। तीनों को बचाने के लिए गांव निवासी नरेश पुत्र रोशन (45 वर्ष) एवं इंदर पुत्र जंगली (50 वर्ष) टैंक में उतरे लेकिन जहरीली गैस के कारण वे भी बेहोश होकर उसी में गिर गए।
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एक के बाद एक 5 लोगों के टैंक में गिरने की घटना से गांव में हड़कंप मच गया। तत्काल जेसीबी बुलाकर टैंक के बराबर में गड्ढा खुदवाया गया। सेप्टिक टैंक को तोड़कर पांचों को बाहर निकाला गया। ग्रामीण उन्हें एंबुलेंस की सहायता से आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां मई गांव निवासी आकाश, करण और टीकम चंद उर्फ भोलू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जबकि इंदर सिंह और नरेश का आरबीएम अस्पताल व निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। एएसआई श्रीलाल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। तीनों शव आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मेडिकल बोर्ड से उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
डीएम ने अस्पताल पहुंचकर जानी कुशलक्षेम
नदबई उपखंड के गांव नगला मई में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई है। जिला प्रशासन ने मृतक आश्रितों को सहायता का प्रस्ताव भिजवाया है। उपखंड अधिकारी गंगाधर मीना ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। डीएम ने आरबीएम अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम पूछी। अस्पताल प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। एडीएम प्रशासन नीरज कुमार मीना ने बताया बृहस्पतिवार को टैंक में सफाई करने उतरे व्यक्तियों ने सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे। उन्होंने व डीएम डॉ. यादव ने घटना में मजदूरों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। बताया कि शासन को मुआवजा राशि आवंटित करने की संस्तुति की गई है। घायलों के उपचार में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।