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देवशयनी एकादशी पर पंचकोसीय परिक्रमा को उमड़ी भीड़
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वृंदावन (मथुरा)। देवशयनी एकादशी के पर्व पर वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। परिक्रमा देने से पूर्व श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान भी किया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक आयोजन हुए। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भी भीड़ जुटी रही।
रविवार की प्रात: से ही संपूर्ण परिक्रमा मार्ग राधे-राधे और ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की जय-जयकार से गुंजायमान हो उठा। परिक्रमा मार्ग में महिलाओं, बच्चे, वृद्ध एवं जवानों के झुंड दिखाई दे रहे थे। पूरा परिक्रमा मार्ग मानव श्रृंखला में नजर आया। प्रात:काल से शुरू हुआ परिक्रमा का क्रम देर सायं तक अनवरत रूप से चलता रहा। सुबह गिरी फुहारों से लोगों को गर्मी से राहत मिली लेकिन 11 बजे के बाद निकली धूप ने उमस बढ़ा दी। परिक्रमा मार्ग में कई जगह सड़कों की उखड़ी कंकरीट और दौड़ते वाहनों के कारण परिक्रमार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही देवशयनी एकादशी पर वृंदावन के मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह और शाम को बांकेबिहारी मंदिर में सुंदर फूलबंगला सजाया गया। जहां फूलबंगले की छांव में विराजमान ठाकुरजी ने भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर प्रांगण में आ रही भीनी भीनी फूलों की सुगंध से मन प्रफुल्लित हो रहा था।
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वृंदावन की सड़कें फिर हुईं जाम, भक्त हुए बेहाल
आए दिन लगने वाले जाम ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ वृंदावन आने वाले बाहरी श्रद्धालुओं को एक बार फिर जाम की समस्या से जूझना पड़ा। रविवार को शहर की सड़कें जाम हो गईं। पुलिस की व्यवस्था कहीं नहीं दिखाई दी।
वृंदावन प्रत्येक शनिवार, रविवार और त्योहारों के दिनों में भीड़भाड़ के मामले में महानगर में तब्दील हो जाता है लेकिन यहां यातायात को नियंत्रित करने का कोई सर्वमान्य विकल्प अभी नजर नहीं आता है। रविवार को वाहनों की भीड़ का सबसे अधिक प्रभाव मथुरा-वृंदावन रोड, छटीकरा वृंदावन रोड, विद्यापीठ चौराहे से रमणरेती इस्कॉन मंदिर के अलावा प्रेम मंदिर के समीप तक नजर आया। इससे वाहन तो दूर, पैदल आदमी तक को निकलने में परेशानी हुई।
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रविवार की प्रात: से ही संपूर्ण परिक्रमा मार्ग राधे-राधे और ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की जय-जयकार से गुंजायमान हो उठा। परिक्रमा मार्ग में महिलाओं, बच्चे, वृद्ध एवं जवानों के झुंड दिखाई दे रहे थे। पूरा परिक्रमा मार्ग मानव श्रृंखला में नजर आया। प्रात:काल से शुरू हुआ परिक्रमा का क्रम देर सायं तक अनवरत रूप से चलता रहा। सुबह गिरी फुहारों से लोगों को गर्मी से राहत मिली लेकिन 11 बजे के बाद निकली धूप ने उमस बढ़ा दी। परिक्रमा मार्ग में कई जगह सड़कों की उखड़ी कंकरीट और दौड़ते वाहनों के कारण परिक्रमार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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इसके साथ ही देवशयनी एकादशी पर वृंदावन के मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह और शाम को बांकेबिहारी मंदिर में सुंदर फूलबंगला सजाया गया। जहां फूलबंगले की छांव में विराजमान ठाकुरजी ने भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर प्रांगण में आ रही भीनी भीनी फूलों की सुगंध से मन प्रफुल्लित हो रहा था।
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वृंदावन की सड़कें फिर हुईं जाम, भक्त हुए बेहाल
आए दिन लगने वाले जाम ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ वृंदावन आने वाले बाहरी श्रद्धालुओं को एक बार फिर जाम की समस्या से जूझना पड़ा। रविवार को शहर की सड़कें जाम हो गईं। पुलिस की व्यवस्था कहीं नहीं दिखाई दी।
वृंदावन प्रत्येक शनिवार, रविवार और त्योहारों के दिनों में भीड़भाड़ के मामले में महानगर में तब्दील हो जाता है लेकिन यहां यातायात को नियंत्रित करने का कोई सर्वमान्य विकल्प अभी नजर नहीं आता है। रविवार को वाहनों की भीड़ का सबसे अधिक प्रभाव मथुरा-वृंदावन रोड, छटीकरा वृंदावन रोड, विद्यापीठ चौराहे से रमणरेती इस्कॉन मंदिर के अलावा प्रेम मंदिर के समीप तक नजर आया। इससे वाहन तो दूर, पैदल आदमी तक को निकलने में परेशानी हुई।