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Mathura News: अधिकारियों को नहीं करने दिया प्रतिमा पर माल्यार्पण
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चौमुंह (मथुरा)। जैंत थाना क्षेत्र के गांव भरतिया में आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान हुए बवाल की शांति के बाद सायंकाल अधिकारी आंबेडकर पार्क में लगी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। एडीएम योगानंद पांडेय, एसडीएम छाता स्वेता, मजिस्ट्रेट मनोज कुमार वार्ष्णेय, एसपी सिटी एमपी सिंह अधिकारियों को यहां मौजूद लोगों ने माल्यार्पण करने से रोक दिया। उनका तर्क था कि अनुमति मिलने के बावजूद उनकी शोभायात्रा को रोक दिया गया, जबकि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई कर उन्हीं के लोगों को हिरासत में लिया।
इससे पूर्व दोपहर पथराव के बाद माहौल को देख पुलिस ने शोभायात्रा निकाल रहे आयोजकों को रोकने का प्रयास किया तो उनका तर्क था कि उनके पास प्रशासन की अनुमति है। मौके पर पहुंचीं एसडीएम छाता स्वेता ने शोभायात्रा निकालने की अनुमति को निरस्त कर दिया। इसके बाद शोभायात्रा वहीं समाप्त कर दी गई। प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए आरआरएफ एवं पीएसी तैनात की है। ड्रोन उड़ाकर उन घरों को चिन्हित किया जहां से ईंट-पत्थर फेंके गए। इन घरों से दो युवती सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। एक वर्ग के लोगों ने पुलिस-प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस के सामने ही दूसरे पक्ष के लोग ईंट-पत्थर बरसाते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते रहे और पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस चाहती हो मामला वहीं शांत करा सकती थी।
प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र सिंह ने बताया कि शोभायात्रा निकालने को लेकर एक दिन पूर्व गांव में सर्वसमाज की पंचायत हुई थी। उस दौरान सभी ने शोभायात्रा निकालने की सहमति दे दी थी। प्रशासन से अनुमति लेकर गांव में पहली बार शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी बीच पथराव हो गया।
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वायरल हो रहा वीडियो
पुलिस चाहती तो स्थित तो तत्काल काबू में किया जा सकता था। पुलिस के सामने पथराव होता रहा और उसके द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। वायरल हो रहे वीडियो में पथराव कर रहे लोगों के बीच पुलिस मूक बनी दिखाई दे रही है। एक वर्ग के लोग ईंट-पत्थर हाथों में लेकर छत पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
कई गांवों के लोग पहुंचे थे
गांव भरतिया में पहली बार शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान एक वर्ग के लोगों की सूचना पर गांव सुनरख, नगला रामताल, जैंत, परखम, नगला सुम्मेरा, नगला पंगा के साथ हरियाणा से भी लोग शोभायात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
गांव में शांति है। विरोध के बाद पुलिस बल तैनात किया गया है। कोई भी पुलिसकर्मी व ग्रामीण घायल नहीं है।
- एमपी सिंह, एसपी सिटी
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इससे पूर्व दोपहर पथराव के बाद माहौल को देख पुलिस ने शोभायात्रा निकाल रहे आयोजकों को रोकने का प्रयास किया तो उनका तर्क था कि उनके पास प्रशासन की अनुमति है। मौके पर पहुंचीं एसडीएम छाता स्वेता ने शोभायात्रा निकालने की अनुमति को निरस्त कर दिया। इसके बाद शोभायात्रा वहीं समाप्त कर दी गई। प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए आरआरएफ एवं पीएसी तैनात की है। ड्रोन उड़ाकर उन घरों को चिन्हित किया जहां से ईंट-पत्थर फेंके गए। इन घरों से दो युवती सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। एक वर्ग के लोगों ने पुलिस-प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस के सामने ही दूसरे पक्ष के लोग ईंट-पत्थर बरसाते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते रहे और पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस चाहती हो मामला वहीं शांत करा सकती थी।
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प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र सिंह ने बताया कि शोभायात्रा निकालने को लेकर एक दिन पूर्व गांव में सर्वसमाज की पंचायत हुई थी। उस दौरान सभी ने शोभायात्रा निकालने की सहमति दे दी थी। प्रशासन से अनुमति लेकर गांव में पहली बार शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी बीच पथराव हो गया।
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वायरल हो रहा वीडियो
पुलिस चाहती तो स्थित तो तत्काल काबू में किया जा सकता था। पुलिस के सामने पथराव होता रहा और उसके द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। वायरल हो रहे वीडियो में पथराव कर रहे लोगों के बीच पुलिस मूक बनी दिखाई दे रही है। एक वर्ग के लोग ईंट-पत्थर हाथों में लेकर छत पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
कई गांवों के लोग पहुंचे थे
गांव भरतिया में पहली बार शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान एक वर्ग के लोगों की सूचना पर गांव सुनरख, नगला रामताल, जैंत, परखम, नगला सुम्मेरा, नगला पंगा के साथ हरियाणा से भी लोग शोभायात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
गांव में शांति है। विरोध के बाद पुलिस बल तैनात किया गया है। कोई भी पुलिसकर्मी व ग्रामीण घायल नहीं है।
- एमपी सिंह, एसपी सिटी