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Mathura News: माननीयों के होटल व गेस्ट हाउसों पर अधिकारी मेहरबान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 11:44 PM IST
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Officials favor hotels and guest houses owned by dignitaries.
मथुरा। मथुरा-वृंदावन में पॉश और व्यस्ततम इलाकों में प्रशासनिक अमले का दोहरा रवैया चर्चा का विषय बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि शहर में सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी को लेकर प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार होटल, गेस्ट हाउस और कोचिंगों को सील कर रही है, लेकिन सियासत में दखल रखने वाले माननीयों के व्यावसायिक ठिकानों के आगे तंत्र फेल हो रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि नियम सबके लिए बराबर हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, मथुरा-वृंदावन के सबसे व्यस्त और पॉश इलाकों में कई बड़े नेताओं के आलीशान होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं। किसी का पांच मंजिला होटल है तो किसी का गेस्ट हाउस व व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बना हुआ है। ये होटल व गेस्ट हाउस कृष्णा नगर सौंख रोड, वृंदावन, हाईवे किनारे, गोवर्धन चौराहा, धौली प्याऊ समेत अन्य स्थानों पर स्थित हैं। इनमें अधिकांश व्यावसायिक इमारतों में न तो पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है और न ही फायर सेफ्टी (अग्निशमन) के पुख्ता इंतजाम हैं। कुछ तो एमवीडीए के मानकों पर भी खरे नहीं उतरते हैं। बावजूद इसके अधिकारी इन पर मेहरबान हैं। संयुक्त टीम शहर के कोने-कोने में जाकर जांच कर रही है, लेकिन नेताओं के इन होटलों की तरफ कार्रवाई के नाम पर झांकने तक की जहमत नहीं उठाई रही है। एमवीडीए सचिव आशीष सिंह ने का कहना कि नियम सबके लिए बराबर हैं। बारी-बारी से सभी होटल व गेस्ट हाउसों की चेकिंग जारी है। मेजर अनियमितताओं वाले व्यावसायिक इमारतों को सील किया जा रहा है और कुछ कमियां मिलने पर चेतावनी नोटिस दिया जा रहा है।
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पक्षपात रवैये से व्यापारी आक्रोशित
सूत्रों की मानें तो प्रशासन के इस पक्षपात रवैये से कारोबारियों में आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि नियम और कानून क्या सिर्फ आम जनता और मध्यमवर्गीय दुकानदारों के लिए बने हैं। हालांकि माननीयों के इमारतों की बारी आती है, तो अधिकारी फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।
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एक कोचिंग संस्थान ने जमा कराया शपथपत्र
विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए प्रशासन ने सील कोचिंग संस्थानों को 15 दिन की मोहलत दी है। अधिकारियों ने बताया कि लिखित शपथपत्र जमा कराने के बाद 15 दिन में मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल एक कोचिंग संस्थान प्रबंधन ने एमवीडीए कार्यालय में शपथपत्र जमा कराया है। इसमें यह लिखित आश्वासन भी दिया है कि आपातकालीन स्थिति में छात्रों की सुरक्षित निकासी को बाधित करने वाले बायोमेट्रिक गेट का उपयोग वह नहीं करेंगे। बेसमेंट मेंं भी कोचिंग संचालित नहीं करेंगे।
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