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डालमिया फार्म हाउस मामला: रात में काट दिए गए 454 हरे पेड़, जांच में जुटी ईडी; हो सकती है बड़ी कार्रवाई
Fri, 04 Oct 2024 12:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 12:24 PM IST
सार
मथुरा के डालमिया फार्म हाउस में 454 हरे पेड़ काट दिए गए। इस मामले की जांच में अब ईडी जुट गई है। माना जा रहा है कि साक्ष्य एकत्र होने के बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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काटे गए पेड़
- फोटो : विभाग
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विस्तार
मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र स्थित छटीकरा रोड पर डालमिया फार्म हाउस में 454 हरे पेड़ काटने के मामले में ईडी भी सक्रिय हो गई है। बताया जा रहा है कि गोपनीय तरीके से ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) निवेशकों की जानकारी करने में जुटी है। संभावना जताई जा रही है कि ईडी साक्ष्य एकत्रित करने के बाद बड़ा कदम उठा सकती है।
18 सितंबर की रात को छटीकरा रोड स्थित डालमिया फार्म हाउस में गुरु कृपा तपोवन प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में मजदूर और जेसीबी की मदद से पेड़ काटे गए। इस मामले में अब तक चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। चर्चा है कि पूरा प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपये से भी अधिक का है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में ईडी भी सक्रिय हो गई है। चर्चा है कि पिछले कई दिनों से ईडी के अधिकारी इस मामले में साक्ष्य एकत्रित करने के लिए यहां का चक्कर भी लगा चुके हैं। माना जा रहा है कि ईडी इस पर फोकस कर रही है कि इतना बड़ा खेल और इतने पैसे के लेनदेन का वास्तव में क्या कोई दस्तावेजी तरीका भी अपनाया गया है या पूरा लेनदेन वायदे पर ही चल रहा है। यही कारण है कि ईडी पेड़ काटने के आरोपी और प्रोजेक्ट में निवेश करने वालों की संपत्ति की अपने स्तर पर जांच कर सकती है।
प्लाट खरीदने वालों की उड़ गई नींद
इस पूरे प्रकरण में सबसे ज्यादा वे लोग फंस गए हैं जिन्होंने तपोवन में भूखंड बुक कराए हैं। एक लाख रुपये वर्ग गज से ऊपर का यहां रेट है और कई सौ प्लॉट यहां केवल कच्ची रसीद पर बुक किए जा चुके हैं। रसीद पर ही कुछ प्लाट रीसेल भी हो चुके हैं। ऐसे में प्लॉट बुक कराने वालों के इस समय पसीने छूट रहे हैं। चूंकि यह प्रोेजेक्ट अब फंस गया है और यहां का नक्शा भी स्वीकृत नहीं है तो ऐसे में प्लाॅट लेने वालों को अपनी रकम डूबती नजर आ रही है। हालांकि प्लॉटिंग करने वाले उन्हें भरोसा दे रहे हैं पर इस भरोसे से काम नहीं चल पा रहा है। यही कारण है कि दो दिन पूर्व ऐसे ही कुछ आवंटियों ने एक होटल में जाकर निवेशकों के यहां हंगामा भी किया था। कहा कि उनका पैसा तत्काल लौटाया जा
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े डालमिया परिवार का कोई संबंध नहीं
मथुरा। सैकड़ों वृक्षों के कटान को लेकर चर्चा में आए वृंदावन के डालमिया फार्म हाउस का श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े डालमिया परिवार एवं ग्रुप का कोई संबंध में नहीं है। इस संबंध में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्म स्थान के जीर्णोद्धार में विशिष्ट सेवा प्रदान करने सहित कई धार्मिक एवं समाज से जुड़े कार्य करने वाले डालमिया परिवार या डालमिया औद्योगिक ग्रुप का कोई संबंध वृंदावन के डालमिया फार्म से कोई संबंध नहीं है। कुछ लोग यही सोच रहे हैं कि यह एक ही परिवार है। ऐसा नहीं है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए वन और ब्रज को अलग नहीं देख सकते। यहां भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज और इसके वन में विशिष्ट लीलाओं के दर्शन कराए उनके महत्व को बारे में जगत को बताया।
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18 सितंबर की रात को छटीकरा रोड स्थित डालमिया फार्म हाउस में गुरु कृपा तपोवन प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में मजदूर और जेसीबी की मदद से पेड़ काटे गए। इस मामले में अब तक चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। चर्चा है कि पूरा प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपये से भी अधिक का है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में ईडी भी सक्रिय हो गई है। चर्चा है कि पिछले कई दिनों से ईडी के अधिकारी इस मामले में साक्ष्य एकत्रित करने के लिए यहां का चक्कर भी लगा चुके हैं। माना जा रहा है कि ईडी इस पर फोकस कर रही है कि इतना बड़ा खेल और इतने पैसे के लेनदेन का वास्तव में क्या कोई दस्तावेजी तरीका भी अपनाया गया है या पूरा लेनदेन वायदे पर ही चल रहा है। यही कारण है कि ईडी पेड़ काटने के आरोपी और प्रोजेक्ट में निवेश करने वालों की संपत्ति की अपने स्तर पर जांच कर सकती है।
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प्लाट खरीदने वालों की उड़ गई नींद
इस पूरे प्रकरण में सबसे ज्यादा वे लोग फंस गए हैं जिन्होंने तपोवन में भूखंड बुक कराए हैं। एक लाख रुपये वर्ग गज से ऊपर का यहां रेट है और कई सौ प्लॉट यहां केवल कच्ची रसीद पर बुक किए जा चुके हैं। रसीद पर ही कुछ प्लाट रीसेल भी हो चुके हैं। ऐसे में प्लॉट बुक कराने वालों के इस समय पसीने छूट रहे हैं। चूंकि यह प्रोेजेक्ट अब फंस गया है और यहां का नक्शा भी स्वीकृत नहीं है तो ऐसे में प्लाॅट लेने वालों को अपनी रकम डूबती नजर आ रही है। हालांकि प्लॉटिंग करने वाले उन्हें भरोसा दे रहे हैं पर इस भरोसे से काम नहीं चल पा रहा है। यही कारण है कि दो दिन पूर्व ऐसे ही कुछ आवंटियों ने एक होटल में जाकर निवेशकों के यहां हंगामा भी किया था। कहा कि उनका पैसा तत्काल लौटाया जा
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मथुरा। सैकड़ों वृक्षों के कटान को लेकर चर्चा में आए वृंदावन के डालमिया फार्म हाउस का श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े डालमिया परिवार एवं ग्रुप का कोई संबंध में नहीं है। इस संबंध में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्म स्थान के जीर्णोद्धार में विशिष्ट सेवा प्रदान करने सहित कई धार्मिक एवं समाज से जुड़े कार्य करने वाले डालमिया परिवार या डालमिया औद्योगिक ग्रुप का कोई संबंध वृंदावन के डालमिया फार्म से कोई संबंध नहीं है। कुछ लोग यही सोच रहे हैं कि यह एक ही परिवार है। ऐसा नहीं है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए वन और ब्रज को अलग नहीं देख सकते। यहां भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज और इसके वन में विशिष्ट लीलाओं के दर्शन कराए उनके महत्व को बारे में जगत को बताया।